साठ दिन की बंदी में पेयजलापूर्ति सुचारू रखने की रहेगी चुनौती, जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों की हुई बैठक

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी को लेकर जल संसाधन विभाग स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव ने मंगलवार को इंदिरागांधी नहर से जुड़े सभी जिलों के कलक्टर के साथ वीसी के जरिए चर्चा की।

 

By: Purushottam Jha

Published: 17 Mar 2021, 08:09 AM IST

साठ दिन की बंदी में पेयजलापूर्ति सुचारू रखने की रहेगी चुनौती, जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों की हुई बैठक
-मुख्य सचिव ने वीसी के जरिए दिए निर्देश
-बंदी में इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में ४९ किमी में होगी रीलाइनिंग
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में साठ दिन की बंदी को लेकर जल संसाधन विभाग स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव ने मंगलवार को इंदिरागांधी नहर से जुड़े सभी जिलों के कलक्टर के साथ वीसी के जरिए चर्चा की। बंदी अवधि में पेयजलापूर्ति किस तरह से सुचारू रहेगी, इसे लेकर सभी तरह के पुख्ता इंतजाम समय पर करने के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल भी वीसी में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इंदिरागांधी नहर में तीस मार्च से २८ मई तक बंदी रहेगी।
पहले तीस दिन पेयजल आपूर्ति पूर्व की तरह नहरों में होगी, इसके बाद पूर्ण बंदी ली जाएगी। वहीं अगले माह के शेयर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए १७ मार्च को भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक भी होगी। इसमें संबंधित राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। गौरतलब है कि नहरबंदी अवधि में राजस्थान क्षेत्र की इंदिरागांधी मुख्य नहर के ४९ किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग का कार्य होंगे। इसके लिए २५० करोड़ रुपए मंजूर कर दिए गए हैं। इसी तरह इंदिरागांधी मुख्य नहर पंजाब भाग में ३० किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग सहित अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। पंजाब में चरणबद्ध तरीके से १०० किमी में होने वाले रीलाइनिंग कार्य के लिए १३०० करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। रीलाइनिंग कार्य होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। वर्तमान में जगह-जगह से नहर की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा है। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित प्रदेश के दस जिलों को जलापूर्ति होती है। ऐसे में बंदी अवधि में इन जिलों में पेयजलापूर्ति को सुचारू रखना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। मुख्य सचिव ने वीसी में साफ तौर पर कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की दिक्कत नहीं आए, इसकी प्लानिंग सभी अधिकारी समय पर कर लें। साथ ही पेयजल का भंडारण पर्याप्त मात्रा में करने के निर्देश भी दिए।

नहरी समस्याओं का हो समाधान
हनुमानगढ़. जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों की बैठक मंगलवार को जल संसाधन विभाग के सिद्धमुख कार्यालय सभागार में हुई। इसमें जल संसाधन विभाग व जायका प्रोजेक्ट के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में नहर अध्यक्षों ने नहरी क्षेत्र की समस्याओं को रखा। इस मौके पर नहर अध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने अधिकारियों को जायका के तहत पक्के खालों का निर्माण करवाने, सभी खालों को पांच ईंच की जगह नौ ईंच चौड़ाई के निर्मित करवाने, खेतों में जल संचय के लिए कृषि विभाग द्वारा बनाई जा रही डिग्गियों को अधिक से अधिक निर्माण करवाने आदि पर चर्चा की। सभी प्रस्तावों को परियोजना चैयरमैन विजय जांगू की ओर से अनुमोदन कर संबंधित विभागों को भेजने व जायका की ओर से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी उक्त समस्याओं के बारे में सूचित करने की मांग की गई। इस मौके नहर वितरिका अध्यक्ष गुरतेज सिंह, कुलदीप कड़वासरा, ओमप्रकाश, बलराज सिंह, भागीरथ गोदारा, शंकरलाल, हरदप सिंह, विजय सिंह, उश्नाक अली, लालजीत सिंह व अन्य अध्यक्ष मौजूद थे।

Purushottam Jha Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned