एजेंसी की लापरवाही से केंद्रीय विद्यालय के बच्चों अब दो साल और छोटे स्कूल में करनी होगी पढ़ाई

एजेंसी की लापरवाही से केंद्रीय विद्यालय के बच्चों अब दो साल और छोटे स्कूल में करनी होगी पढ़ाई

sanjeev dubey | Publish: Sep, 08 2018 02:15:23 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

अबगांवखुर्द में बनना था केवी का नया भवन, दो साल पहले स्वीकृत हुए थे १८ करोड़ रुपए, १४ कमरों कमरों में चल रहा विद्यालय

हरदा. केरल की एजेंसी की लापरवाही की वजह से शहर को मिले केंद्रीय विद्यालय भवन की सौगात पूरी नहीं हो पा रही है। दो साल पहले राशि स्वीकृत होने के बावजूद समय पर काम शुरू नहीं किया गया। अब ठेकेदार के गारंटी पेपर निरस्त हो गए हैं, जिससे भवन का काम अटक गया है। एजेंसी की इस लापरवाही के कारण अब बच्चों को दो साल और छोटे से स्कूल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ेगा। जबकि हरदा के साथ ही स्वीकृत हुए बैतूल का केंद्रीय विद्यालय भवन आधा बनकर तैयार हो गया है। किंतु यहां भवन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन नईदिल्ली द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक करीबी गांव अबगांवखुर्द में केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रशासन ने १० एकड़ जमीन हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन ने भवन निर्माण के लिए केरल की एजेंसी को ठेका दिया था। ठेकेदार ने संगठन से काम शुरूकरने के लिए करीब ३२ लाख रुपए की किश्त मांगी थी, लेकिन संगठन द्वारा पैसे नहीं दिए जाने से काम शुरू नहीं किया गया। इस लापरवाही की वजह से ठेकेदार के बैंक गारंटी पेपर निरस्त हो गए हैं, जिससे अब भवन का काम शुरू हो पाना मुश्किल हो गया है।

असिस्टेंट कमीशनर ने जताई नाराजगी
केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण में हो रही लेटलतीफी पर अब भोपाल के अधिकारियों द्वारा नाराजगी जताईजा रही है। गत दिवस केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल की असिस्टेंट कमीशनर श्रद्धा झा ने काशीबाई कन्या पाठशाला में संचालित विद्यालय का निरीक्षण किया था। उन्होंने भवन निर्माण को लेकर शिक्षकों से चर्चाकी थी। वहीं अबगांवखुर्द में बनने वाले भवन स्थल का जायजा लिया था। ठेकेदार के गारंटी पेपर निरस्त होने की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसकी जानकारी दिल्ली संगठन को दी।

शैक्षणिक गतिविधियां कराने में परेशानियां
वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय दो स्थानों पर लग रहा है। कक्षा 1 से 10 वीं तक की कक्षाएं १४ कमरों में काशीबाई कन्या पाठशाला में लग रही है, वहीं 11 वीं और 12 वीं की कक्षा मिडिल स्कूल के ४ कमरों में संचालित हो रही है। यहां पर छोटे-छोटे कमरों होने से स्कूल की कम्प्यूटर, विज्ञान सहित अन्य गतिविधियां करने में विद्यालय प्रबंधन को काफी दिक्कतें हो रही हैं। विद्यालय में करीब ३०० छात्र-छात्राएं अध्ययनरत् हैं।

विद्यालय में चार कक्षाएं बंद पड़ी
उल्लेखनीय हैकि विद्यालय संचालन के लिए पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण चार कक्षाओं को बंद रखा गया है। फिलहाल स्कूल में कक्षा 1, 2, 3 के बाद सीधे 8 , 9, 10, 11, 12 वीं की कक्षाएं लग रही हैं। जबकि 4, 5, 6 और 7 वीं की कक्षाएं नहीं लगती हैं। विद्यालय को खुले हुए करीब आठसाल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन खुद का भवन तैयार नहीं हो पाया है।

नपा ने नहीं कराया सीमेंटीकरण
काशीबाई कन्या पाठशाला में चल रहे केंद्रीय के परिसर में गड्ढे होने से बच्चों को खेलने में परेशानियां हो रही हैं। वहीं बारिश का पानी जमा हो रहा है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा परिसर को सीमेंटीकृत करने की मांग की गईथी, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में की गई सीमेंटेड जमीन की गिट्टियां निकली होने से व्हालीवाल खेलने वाले विद्यार्थियों के पैरों में चुभती हैं।

इनका कहना है
केरल की कंपनी को केंद्रीय विद्यालय का भवन बनाने का ठेका दिया गया है, लेकिन ठेकेदार ने लेटतीफी करते हुए दो साल निकाल दिए हैं। अब ठेकेदार के गारंटी पेपर भी निरस्त हो गए हैं, जिससे भवन का काम दो साल के लिए अटक गया है। भवन का काम जल्दी शुरूकरने के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन नईदिल्ली को पत्र लिखा गया है।
देवनाथ राम, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, हरदा

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