सूची में नाम आने के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिली आवास निर्माण के लिए राशि

pradeep sahu

Publish: Sep, 17 2017 05:51:40 (IST)

Harda, Madhya Pradesh, India
सूची में नाम आने के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिली आवास निर्माण के लिए राशि

नगर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनना है 450 आवास

खिरकिया. नगरीय क्षेत्र में गरीबों को स्वयं के आवास उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार द्वारा योजनाएं चलाकर उनके सपने साकार करने का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए गरीबों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नागरिकों द्वारा आवेदन पत्र जमा करने के बाद उनका प्रारंभिक सूची में नाम भी आ गया है, लेकिन उन्हें अभी तक योजना के तहत राशि नहीं मिल सकी है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद मेंं योजना के तहत बड़ी संख्या में नागरिकों द्वारा आवेदन जमा कराए गए थे। जिसमें प्रारंभिक सूची के आधार पर करीब 450 हितग्राहियों का चयन किया है। जिसके आधार पर सर्वे भी किया जा चुका है। वहीं हितग्राहियों के आवास के लिए संपूर्ण प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें राशि प्राप्त नहीं हुई। जिससे हितगग्राही अपने आवास का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। योजना के बाद नागरिक आवास निर्माण राशि स्वीकृत होने पर खासे उत्साहित थे, जिसके लिए उन्होंने दस्तावेज सहित अन्य सभी प्रक्रिया पूर्ण कर आवेदन जमा कराया गया। लेकिन अब तक लाभ नही मिलने से वे निराश है।

मिलेगी ढाई लाख रुपए की मदद
आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को योजना के तहत ढाई लाख रूपए की मदद शासन की ओर से दी जाएगी। जिससे हितग्राही अपने आवास का निर्माण करा सकते है। योजना की घोषणा के बाद प्रारंभिक सूची में 450 हितग्राहियों का चयन किया गया था। लेकिन अभी तक उन्हें ही राशि नहीं मिल सकी है। ऐसे में प्रतीक्षा और द्वितीय व तृतीय सूची के हितग्राहियों को इसका लाभ कब मिलेगा या फिर मिलेगा भी या नही यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। नगर परिषद की ओर से तमाम प्रक्रिया पूर्ण कर नगरीय निकाय को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। सरकार द्वारा योजनाएं तो बना दी जाती है, वही बड़ी बड़ी घोषणाएं कर गरीबों को सपने दिखा दिए जाते है, लेकिन योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए कई प्रकार की अव्यवस्थाएं खड़ी होती है, जिससे हितग्राही परेशान होते है।

3 बार हो चुका है सर्वे
योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के चयन के बाद उनके निर्माण स्थान का सर्वे किया जाना होता है। जिसको लेकर एक दो बार नही बल्कि तीन बार सर्वे भी किया जा चुका है।जबकि एक बार सर्वे करना ही उचित होता है। बावजूद इसके हितग्राहियों को राशि नही मिल पा रही है। सर्वे के दौरान हितग्राहियों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ता है। हितग्राहियों का कहना है कि बार बार सर्वे किए जाने से अच्छा होगा कि योजना का लाभ दिया जाए। ताकि आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सके। योजना के क्रियांवयन की गति के लिए सर्वे किया जाऐ तो बेहतर होगा। लेकिन बार-बार सर्वे किए जाने से केवल कागजों पर ही योजना में प्रक्रिया होती दिखाई दे रहीं है। जमीनी स्तर पर परिणाम शून्य है।

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