एक शाला, एक परिसर समायोजन में की गई कई विसंगतियां

एक शाला, एक परिसर समायोजन में की गई कई विसंगतियां

Sanjeev Dubey | Publish: Sep, 08 2018 03:33:23 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

जर्जर भवनों में कर दिया शालाओं का एकीकृत, विकासखंड में ११६ शालाओं को समायोजित कर दी ५६ शालाएं

खिरकिया. शासकीय शालाओं में मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग एवं विद्यार्थियों के लिए सुविधा बढ़ाने के लिए शालाओं का एकीकरण किया गया है। जिसमें एक ही परिसर में स्थिति दो या अधिक शालाओं को एक कर एक परिसर एक शाला में समायोजन कर सितंबर से लागू भी कर दिया गया है। लेकिन एकीकरण में कई विसंगतियां की गई है। जिससे विद्यार्थियों की परेशानियां बढ़ेगी, वहीं शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। जानकारी के अनुसार लोक शिक्षण संचनालय की कार्यशाला एवं वीडियो कान्फ्रेसिंग के निर्देशानुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनशिक्षकों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विकासखंड की शालाओं का एकीकरण किया गया है। जिसमें 116 शालाओं को आपस में एक दूसरे में समायोजित कर 56 शालाएं कर दी गई है। आनन फानन में किए गए समायोजन में विसंगतियों का ध्यान नहीं रखा गया है। कही जर्जर भवन वाली शालाओं में समायोजन कर दिया तो कही पर एक ही शिक्षक वाले विद्यालय को दूसरी शाला से अलग कर दिया गया है।

प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक होंगे माध्यमिक के प्रभारी-
शालाओं के समायोजन में प्राथमिक शालाओं के प्रधानपाठकों को माध्यमिक शालाओं का प्रभारी बना दिया गया है । दो वर्ष पूर्व शासन द्वारा हायर सेकंडरी उत्तीर्ण शिक्षकों को माध्यमिक शालाओं से हटाकर अतिशेष शिक्षकों में डाल दिया गया। माध्यमिक शाला के शिक्षकों के लिए स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अब वापस उन्हीं शिक्षकों को माध्यमिक शालाओं का प्रभारी बना दिया गया है, ऐसे में हायर सेकंडरी की योग्यता रखने वाले शिक्षक माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे, जो बड़ी विसंगति है।

चार शालाओं का एक में समायोजन, व्यवस्थाएं लचर-
शाला एकीकृत किए जाने में बड़ी विसंगति चारूवा में भी की गई है। जहां पर चार शालाओं को एक ही परिसर में कर दिया गया है। जहां न तो भवन की उचित व्यवस्था है, और न ही अध्यापन के लिए प्रधानपाठक है। हाइस्कूल व हायर सेकंडरी शाला परिसर में संचालित बालक माध्यमिक शालाओं को दूसरे परिसर में समायोजित किया गया है। जहां पूर्व से ही दो प्राथमिक एवं एक कन्या माध्यमिक शाला संचालित हो रही है। ऐसे एक ही परिसर में चार शालाएं में 6 00 विद्यार्थी हो जाएंगे। यहां पर वर्षो से बंद बदहाल भवन में समायोजित माध्यमिक शाला को लगाया जाएगा। यहां माध्यमिक शाला में एकमात्र प्रधानपाठक शिक्षिका थी, जो वर्तमान में अवकाश पर है। जबकि पूर्व में माध्यमिक शाला में हाइस्कूल व हायर सेकंडरी शालाओं के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियांं संचालित हो रही थी।

माडल स्कूल में मिलाई सामान्य शालाएं-
चौकड़ी में स्थित माडल स्कूल में कक्षा 9 वीं से चयन परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है। माडल स्कूल के साथ गांव की प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं को मर्ज कर दिया गया है। ऐसे में कक्षा 1 से 12वीं तक की सामान्य शालाएं और माडल शालाएं ही कहलाएंगी। माध्यमिक शाला चौकड़ी से कक्षा 8 वीं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से सीधे माडल स्कूल में प्रवेश मिलेगा या नही, या फिर उन्हें भी परीक्षा देनी होगी, इसका भी समायोजन मं किसी प्रकार का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

2016 के आदेश, अब आनन फानन में किया लागू -
लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा शालाओं के एकीकरण के लिए 3 सितंबर 2016 को आदेश जारी किया गया था। इसके दो वर्ष बाद 1 एवं 2 अगस्त को हुई कार्यशाला एवं 13 अगस्त को हुई वीडिया कान्फ्रेसिंग में मिले निर्देशों के बाद आनन फानन में शालाओं का समायोजन कर दिया गया। यह कार्यवाही 2 दिनों में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में 2 वर्ष पूर्व मिले आदेशों पर 2 दिनों में कार्यवाही किए जाने से विसंगतियों का ध्यान नहीं रखा जा सका।

आदेश में भी त्रुटि, अगस्त को बताया सितंबर -
विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 29 अगस्त को समायोजन के आदेश जारी करते हुए शालाओं को मर्ज किया गया है। जिसमें लोक शिक्षण आयुक्त के आदेशों का हलावा देते हुए वीडियो कान्फ्रेसिंग के निर्देश 13 सितंबर 2018 को दिया जाना बताया जा रहा है। जबकि यह वीडियो कान्फ्रेसिंग 13 अगस्त को संपन्न हुई थी। शाला एकीकृत किए जाने पर अब सभी शालाओं के शिक्षकों की एक उपस्थिति पंजी होगी। एक समय विभाग चक्र, एक परिसर प्रमुख कक्ष, एक स्टाफ कक्ष, एक भंडार कक्ष एवं सभी शालाओ को मिलाकर बचे शेष कक्षों में अध्यापन का कार्य कराया जाएगा।

इनका कहना है
विसंगतियों की जानकारी पत्रिका से मिली है। शाला एकीकृत किए जाने में बेहतर क्या किया जा सकता है, इसकी जानकारी ली जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया जाएगा।
वीपी यादव, एसडीएम, खिरकिया

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