प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया बहिष्कार का ऐलान किया

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया बहिष्कार का ऐलान किया

Sanjeev Dubey | Publish: Sep, 05 2018 01:59:24 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

दस सूत्रीय मांग लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू करेगा संगठन

हरदा. प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिक्षक दिवस के बहिष्कार का ऐलान किया है। दस सूत्रीय मांग लेकर संगठन ने बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। जिला मीडिया प्रभारी अशोक सराठे ने बताया कि संगठन की मांग है कि पालकों द्वारा स्कूल फीस जमा कराने के उपरांत ही टीसी दिए जाने का प्रावधान लागू हो। प्राथमिक, मिडिल, हाइ व हायर सेकंडरी स्कूल की स्थाई मान्यता जारी होना चाहिए। स्कूलों के व्यवसायिक टैक्स हटाकर सामान्य टैक्स वसूली की जाए। हाइ व हायर सेकंडरी स्कूल की मान्यता के लिए एक एकड़ जमीन की अनिवार्यता समाप्त की जाए। मान्यता एवं संबद्धता शुल्क को एक किया जाए। उक्त मांगों सहित दस सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रशासन को इसकी सूचना दी गई है।

शिक्षक मिलन एवं समान समारोह आज
हमकदम ग्रुप द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष में बुधवार दोपहर साढ़े 3 बजे से सेठ हरिशंकर अग्रवाल मांगलिक भवन में शिक्षक मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। ग्रुप संयोजक लोकेशराव मराठा ने बताया कि इस दौरान जिलेभर से चुने गए शिक्षकों का समारोह पूर्वक सम्मान किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है।

आज होगा 6 3 शिक्षकों का सम्मान
जनपद शिक्षा केंद्र द्वारा बुधवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर ब्लाक के 6 3 चिह्नित शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। बीआरसी पीएस केवट ने बताया कि शिक्षकों का चयन वर्ष 2017-18 में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र संख्या में वृद्धि, शाला सुधार के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को आधार बनाकर किया गया है।

आज स्कूलों में काली पट्टी बांधकर पढ़ाएंगे अतिथि शिक्षक
हरदा. जिले के अतिथि शिक्षक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाएंगे। अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सादिक खान ने बताया कि मध्यप्रदेश की शासकीय शालाओं में विगत 11 वर्षों से अतिथि शिक्षक अल्पवेतन पर कार्य करते आ रहे हैं। अतिथि शिक्षकों ने अपने पद स्थायित्व के लिए ब्लॉक, जिलों से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा अतिथि शिक्षकों को कई बार आश्वासन दिया गया कि सरकार आपको परमानेंट करेगी, लेकिन ये घोषणा केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं। बजट सत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों का दोगुना वेतन करने की का निर्णय हो चुका था, किंतु केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अतिथि विद्वानों का वेतन बढ़ाया गया, लेकिन उनका वेतन नहीं बढ़ा। इसके 2018 -19 में अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती कर सरकार ने 10 सालों से कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों को बाहर कर बेरोजगार कर दिया है, जिससे प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों में सरकार के प्रति आक्रोश है। इन सभी मुद्दों को लेकर अतिथि शिक्षक बुधवार को शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर अध्यापन कराएंगे।

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