बढ़ते किसान कर्ज खातों को लेकर बैंकों से आई बड़ी खबर, तो प्रशासन ने किया यह बड़ा काम

बढ़ते किसान कर्ज खातों को लेकर बैंकों से आई बड़ी खबर, तो प्रशासन ने किया यह बड़ा काम

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 08 2018 12:01:27 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जनपद में बढ़ते किसान कर्ज खातों को लेकर बैंकों ने बकाया कर्ज बसूली के लिए आरसी आदि जारी करने की कार्रवाई की है

हरदोई. बढ़ते किसान कर्ज खातों से जूझती बैंकों के लिए यूपी के हरदोई से बड़ी खबर आई है। जिला प्रशासन ने इस बात की समीक्षा की है कि कितनी बैंकों ने बकाया कर्ज बसूली के लिए आरसी आदि जारी करने की कार्रवाई की है और आरसी के जरिए तहसील स्तर से कितनी प्रगति हुई है। वैसे प्रदेश सरकार की किसान कर्ज माफी योजना से किसानों के साथ बैंको को भी राहत मिली है। जिले में ज्यादातर लोन कृषि से सम्बंधित रहता है।

किसान कर्ज माफी योजना के नोडल अधिकारी आशुतोष मिश्र के अनुसार

उप निदेशक कृषि एवं किसान कर्ज माफी योजना के नोडल अधिकारी आशुतोष मिश्र के अनुसार जिले में करीब 1 लाख 19 हज़ार किसानों का बकाया कर्ज लगभग 640 करोड़ बैंको को शासन द्वारा देकर किसानों को लाभान्वित किया गया। सिस्टम के पेंच कसते हुए जिलाधिकारी पुलकित खरे ने वार्षिक ऋण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण वितरण की समीक्षा की। लघु एवं मध्यम उद्योगों को वित्त पोषण, प्रधानमंत्री श्रृजन रोजगार योजना, सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओें के तहत प्रगति, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं स्टैण्डअप इण्डिया योजना की समीक्षा करते हुए सिस्टम के पेंच कसे गए।

170 बैंक शाखा प्रबन्धकों को सम्बोधित किया

जिलाधिकारी ने कहा कि स्टैण्डअप इण्डिया योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना है। इस योजना से अनेको बेरोजगार युवकों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। इसे बैंकों के शाखा प्रबन्धक प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त ऋणों की फाइलों को स्वीकृत अस्वीकृत करते हुए रिर्पोट प्रस्तुत करें। जनपद में स्थापित 170 बैंक शाखा प्रबन्धकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक शाखा कम से कम 50 ऋणों को स्वीकृति प्रदान करें। एक माह के भीतर आवेदनों का निस्तारण करना होगा।

बोले LDM नया लोन देने मेंं बाधक बन रहा NPA

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक LDM वीएन शुक्ल के अनुसार वार्षिक ऋण योजना का 80 फ़ीसदी कृषि क्षेत्र के लिए रहता है। प्रदेश सरकार की किसान ऋण माफ़ी योजना से बैंकों को भी राहत मिली और सवा लाख किसानों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसान ऋण माफी योजना को लेकर सोचते रहते हैं कि फिर कभी ऋण माफी योजना आएगी और उनका ऋण माफ हो जाएगा इसलिए वह कर्ज जमा नहीं करते हैं। जिससे NPA होता है सभी बैंकों से एनपीए और उसको लेकर की गई की जा रही कार्रवाई का विवरण एकत्र किया जा रहा है और बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में पूरी रिपोर्ट दी जाएगी।

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