मुंहासों की समस्या सिर्फ लड़के- लड़कियों की नहीं बल्कि बच्चों व बड़ों में भी आम होती जा रही है। सामान्यत: त्वचा पर मौजूद ऑयल ग्रंथियां त्वचा को तैलीय बनाने में मददगार होती हैं जो त्वचा को सुरक्षित रखती हैं। लेकिन इन ग्रंथियों में जब तेल सामान्य से ज्यादा बनने लगता है तो त्वचा की बाहरी सतह ब्लॉक होने लगती है जिससे तेल अंदर ही रहता है और इसे बाहर निकलने में दिक्कत होती है। ऐसे में ग्रंथियों में कीटाणु पनपकर इंफेक्शन पैदा करते हैं जो मुंहासों के रूप में चेहरे, छाती, पीठ, हाथ, स्कैल्प आदि की त्वचा पर उभरते हैं। हर व्यक्ति में इसका कारण अलग हो सकता है।