एस्ट्राजेनेका अपनी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल में स्पुतनिक-वी घटक का परीक्षण करेगी

दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान स्पुतनिक-वी वैक्सीन के एक घटक के इस्तेमाल की उसकी पेशकश को स्वीकार कर लिया है।

By: विकास गुप्ता

Published: 11 Dec 2020, 09:59 PM IST

नई दिल्ली । स्पुतनिक-वी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के प्रारंभिक परिणामों में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावकारिता दिखाए जाने के बाद रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) और गामेलिया इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका को अपने स्वयं के नैदानिक परीक्षणों (क्लीनिकल ट्रायल) में इसके दो घटकों में से एक के उपयोग की पेशकश की। अब रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष ने शुक्रवार को कहा है कि दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान स्पुतनिक-वी वैक्सीन के एक घटक के इस्तेमाल की उसकी पेशकश को स्वीकार कर लिया है।

इस तरह अब परीक्षण के दौरान स्पुतनिक वी और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की खुराक मिलाकर दी जाएगी। यह शोध एस्ट्राजेनेका के वैज्ञानिकों को इस संयुक्त दृष्टिकोण के आवेदन के माध्यम से अपने टीके की प्रभावकारिता को बढ़ाने की संभावना का अध्ययन करने की अनुमति देगा।

बयान में कहा गया, "एस्ट्राजेनेका ने आरडीआईएफ के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और 2020 के अंत तक उसकी वैक्सीन के साथ स्पुतनिक-वी के एडी26 घटक का चिकित्सकीय परीक्षण शुरू किया जाएगा।" आरडीआईएफ ने कहा कि इस परीक्षण से एस्ट्राजेनेका को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या दोनों वैक्सीन के संयोजन से इसका असर बढ़ सकता है।

स्पुतनिक-वी दो अलग-अलग मानव एडेनोवायरल वैक्टरों के संयोजन की अपनी अनूठी तकनीक के कारण दुनिया के सबसे प्रभावी और सुरक्षित टीकों में से एक है, जो कि दोनों टीकों के लिए एक ही घटक का उपयोग करके अन्य टीकों की तुलना में अधिक मजबूत और दीर्घकालिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदान करता है।

एस्ट्राजेनेका को आरडीआईएफ की पेशकश रूस के सक्रिय दृष्टिकोण का एक उदाहरण है। इसने न केवल कोरोनावायरस के खिलाफ दुनिया के सबसे प्रभावी टीकों में से एक बनाया है, बल्कि यह स्पुतनिक-वी वैक्टर को उन लोगों के साथ साझा करने के लिए तैयार है, जो दो-वेक्टर प्रौद्योगिकी का उपयोग करके टीके का उत्पादन करने के इच्छुक हैं। आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने कहा कि एस्ट्राजेनेका द्वारा लिया गया यह फैसला कोरोना महामारी के खिलाफ संयुक्त कोशिशों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, "कोरोनावायरस के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने वाले विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों के बीच सहयोग का यह अनूठा उदाहरण विश्व स्तर पर महामारी पर अंतिम जीत हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।"

आरडीआईएफ के सीईओ ने कहा, "हम वैक्सीन उत्पादकों के बीच सहयोग के इस नए चरण की शुरूआत का स्वागत करते हैं। हम भविष्य में इस साझेदारी को विकसित करने और नई वैक्सीन के बाद नैदानिक परीक्षणों के दौरान इसकी प्रभावकारिता को प्रदर्शित करने के लिए संयुक्त उत्पादन शुरू करने के लिए दृढ़ हैं। हमें उम्मीद है कि अन्य वैक्सीन निर्माता हमारे उदाहरण का पालन करेंगे।"

विकास गुप्ता
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