चमगादड़ है जीका वायरस का जानी दुश्मन, एक घंटे में खा सकता है हजार मच्छर

चमगादड़ है जीका वायरस का जानी दुश्मन, एक घंटे में खा सकता है हजार मच्छर

Yuvraj Singh Jadon | Publish: Oct, 13 2018 05:03:39 PM (IST) स्वास्थ्य

भारत समेत दुनिया के अस्सी से ज्यादा देशों में इस समय जीका वायरस का संक्रमण हो रहा है, एक इलाके में चमगादड़ों के बैट हाउस बनाने की अनुमति भी दी जा चुकी है

अमरीका के मियामी में स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ने दिया चमगादड़ पालने का सुझाव, न्यूयॉर्क के एक इलाके में चमगादड़ों के बैट हाउस बनाने की अनुमति भी दी जा चुकी है । अध्ययनों में कहा गया है कि चमगादड़ एक मिनट में दस मच्छरों को शिकार बना लेते हैं।

महिलाओं को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत

भारत समेत दुनिया के अस्सी से ज्यादा देशों में इस समय जीका वायरस का संक्रमण हो रहा है और बड़ी संख्या में इसके मरीज देखने में आ रहे हैं। लेकिन जीका वायरस से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर इसके लक्षणों की पहचान हो जाए तो किसी भी आम वायरल बीमारी की तरह इसका भी पूर्ण इलाज संभव है। सिर्फ गर्भवती महिलाओं को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत रहती है क्योंकि इसके संक्रमण से उनके गर्भ में पल रहे शिशु को मस्तिष्त संबंधी विकार की आशंका रहती है। अभी तक जीका वायरस से बचाव का टीका नहीं बना है लेकिन अमरीका में इसके परीक्षण जारी हैं जो कि दूसरे व तीसरे चरण में चल रहे हैं।

चमगादड़ पालने से मच्छरों की आबादी कम होगी

अमरीका के मियामी शहर के समुद्री तट से जुड़े इलाकों में दो माह पहले जीका वायरस का संक्रमण देखा गया था। अगस्त में जीका वायरस की पुष्टि के बाद से दर्जनभर लोगों में इसका संक्रमण हो चुका है। इसके बाद से वहां के स्थानीय प्रशासन ने विशेष इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। कीटनाशकों का हवाई छिड़काव भी किया गया लेकिन 5-6 किमी. के दायरे में वायरस के फैलाव को देखते हुए इसे ज्यादा प्रभावी नहीं माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन से जुड़े तटीय आयुक्त क्रिस्टन रोसेन ने जीका वायरस के खात्मे के लिए चमगादड़ों के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि चमगादड़ पालने से मच्छरों की आबादी कम होगी क्योंकि ये उनका शिकार करता है। रोसेन का कहना है कि चमगादड़ एक घंटे में लगभग हजार मच्छरों को खा सकते हैं जिससे बीमारी फैला रहे तमाम तरह के मच्छरों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। उन्होंने इसके लिए शहर में जगह-जगह बैट हाउस बनाने का सुझाव भी दिया है।

चमगादड़ इस वजह से करते हैं मच्छरों का भोजन
हालांकि यह सुझाव सुनने में भले ही अजीब लगता है लेकिन इसे पहले भी आजमाया जा चुका है। अमरीकन मॉस्किटो कंट्रोल एसोसिएशन का कहना है कि चमगादड़ के मच्छरों को खाने के बारे में कोई वैज्ञानिक आधार उपलब्ध नहीं हैं लेकिन माना जा सकता है कि यदि उन्हें अपना पूरा भोजन नहीं मिलेगा तो हो सकता है कि वे अपने आसपास आसानी से बड़ी संख्या में मौजूद मच्छरों का शिकार कर लें। चमगादड़ इस तरह का शिकार करने में माहिर माने जाते हैं। कीट वैसे भी उनके पसंदीदा शिकार हैं।

ढाई लाख मच्छरों का खात्मा

एसोसिएशन का कहना है कि अध्ययनों से पता चलता है कि चमगादड़ एक मिनट में 10 मच्छरों को खा सकते हैं। इस प्रकार से पांच सौ चमगादड़ एक घंटे में ढाई लाख मच्छरों का खात्मा कर सकते हैं। इस सुझाव को अच्छा माना जा रहा है लेकिन एसोसिएशन का कहना है कि मच्छरों की संख्या और इन्हें खाने के बाद चमगादड़ों से संक्रमण से फैलाव के बारे में जानकारी कर लेनी चाहिए। वैसे इससे पहले गत जुलाई में न्यूयॉर्क के नॉर्थ हैम्पस्टीड इलाके में भी मच्छरों के खात्मे के लिए चमगादड़ों के घर बनाने की अनुमति दी जा चुकी है। (वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत)

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