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सर्दी-खांसी का दुश्मन है भुना हुआ अमरूद, सर्दियों में सेहत का रामबाण

अमरूद कीटाणुओं, बैक्टीरिया और मौसमी फ्लू से लड़ने में कारगर साबित होता है। इसमें विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो दिल की सेहत के साथ—साथ पाचन और सूजन से लड़ने में मददगार साबित होते हैं। फिर यदि अमरूद को भून कर खाया जाए तो इसके कई फायदे हैं, जो कारगर साबित हो सकते हैं। सर्दियों में अमरूद आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Dec 08, 2023

अमरूद को भूनकर खाने से उसके गुण बढ़ जाते हैं। भुनने पर एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी की की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं, कई समस्याओं से बचाव में मदद करते हैं

अमरूद को भूनकर खाने से उसके गुण बढ़ जाते हैं। भुनने पर एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी की की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं, कई समस्याओं से बचाव में मदद करते हैं

अमरूद को भूनकर खाने से उसके गुण बढ़ जाते हैं। भुनने पर एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी की की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं, कई समस्याओं से बचाव में मदद करते हैं। खास—तौर पर सर्दी—जुखाम की स्थिति में भुना हुआ अमरूद बहुत ज्यादा फायदा कर सकता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है। भुने हुए अमरूद को खाने में और भी अन्य फायदे हैं, आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

एलर्जी में फायदा
सर्दियों में अक्सर लोगों को त्वचा संबंधी परेशानियां होती है। खासकर एलर्जी की समस्या रहती है। अमरूद को भून कर खाने से आप इस समस्या को कम कर सकते हैं। ये जहां शरीर में एलर्जेन के साथ रिएक्टिविटी को कम करता है, वहीं ये एलर्जी से लड़ने में भी मददगार है।

नियंत्रण में रहता है ब्लड शुगर
अमरूद ब्लड शुगर के स्तर में सुधार करती है। इसकी पत्तियों का अर्क ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। साथ ही भुना हुए अमरूद को पीसकर भी खा सकते हैं, यह एक औषधी के रूप में कार्य करेगा।

कफ में आराम
सर्दियों में अक्सर खांसी—जुखाम की परेशानी रहती हैं, ऐसे में हर दूसरे दिन भुने हुए अमरूद का सेवन कीजिए। इसे खाने से श्वसन तंत्र से जुड़ी परेशानी दूर हो सकती है और सर्दियों में होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है। ये कफ को पिघलाने और कंजेशन को कम करने में मददगार है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।