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CORONA BREAKING : पतंजलि ने बनाई कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’

-पूरे वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ आज पेश की जाएगी (With complete scientific analysis will be presented today) जानिए कैसी है पतंजलि की दवा ‘कोरोनिल’ (Know how Patanjali's drug 'coronil') -जड़ी बूटियों से बनी दवा पांच दिन में कर देगी कोरोना का खात्मा (Medication made from herbs will end corona in five days)
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Pushpesh Sharma

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Updated: 23 Jun 2020, 12:19 PM IST

बड़ी खबर : पतंजलि ने बनाई कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा ‘कोरोनिल’

बड़ी खबर : जड़ी बूटियों से बनी दवा ‘कोरोनिल’

जयपुर. कोरोना के प्रकोप से आज पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। लॉकडाउन खुलने के बाद भारत में भी तेजी से कोरोना के मामले बढ़े और चार लाख से अधिक संक्रमित हो गए। इस महामारी से बचने के लिए जहां पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना के लिए वैक्सीन और दवा खोजने में दिन-रात लगे हैं, वहीं पतंजलि ने कोरोना को खत्म करने वाली आयुर्वेदिक दवा बनाने का दावा किया है।

मंगलवार को दोपहर बाद पतंजलि योगपीठ में दवा को लॉन्च किया जाएगा। दवा का नाम ‘कोरोनिल’ रखा गया है और इसे आचार्य बालकृष्ण लॉन्च करेंगे। इस मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव भी मौजूद रहेंगे। आचार्य बालकृष्ण ने इस संबंध में एक फेसबुक पोस्ट करके जानकारी दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह कोरोना की एविडेंस बेस्ड पहली आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका संपूर्ण साइंटिफिक डॉक्युमेंटेशन के साथ दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा।

इन जड़ी-बूटियों से बनी :
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ में अश्वगंधा, गिलोय, अणु तेल, श्वसारि रस और तुलसी जैसी औषधिक जड़ी-बूटियों को मिलाया गया है। उनके मुताबिक कोरोना से संक्रमित जिन मरीजों पर इस दवा को लेकर क्लिनिकल ट्रायल हुए उनमें 100 प्रतिशत नतीजे देखने को मिले हैं।

5 से 14 दिनों में ठीक होगा संक्रमण:
उन्होंने दावा किया है कि इस दवा के सेवन से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज 5 से 14 दिनों के भीतर स्वस्थ हो जाएंगे। बालकृष्ण के मुताबिक कोरोनिल दवा का सेवन सुबह और शाम में एक-एक बार किया जा सकता है। उनके अनुसार इस दवा में मौजूद अश्वगंधा इस वायरस के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन को बॉडी के एंजियोटेंसिन कनवर्टिंग एंजाइम में मिलने से रोकता है। वहीं, गिलोय भी इंफेक्शन को कम करने में मददगार है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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