scriptdid maximum deaths happen between 3 to 4 am in night | रात 3 से 4 बजे के बीच होती हैं सबसे ज्यादा मौतें! जानिए क्या कहता है मेडिकल साइंस | Patrika News

रात 3 से 4 बजे के बीच होती हैं सबसे ज्यादा मौतें! जानिए क्या कहता है मेडिकल साइंस

आपने कई लोगों को ऐसा कहते सुना होगा कि दुनियाभर में सबसे अधिक मौतें रात 3 से 4 बजे की बीच होती हैं। इन बातों में कितनी सच्चाई है इसे आज हम मेडिकल साइंस के नजरिए से इसे समझने की कोशिश करेंगे।

नई दिल्ली

Published: November 17, 2021 05:21:58 pm

नई दिल्ली। आपने कई लोगों को ऐसा कहते सुना होगा कि दुनियाभर में सबसे अधिक मौतें रात 3 से 4 बजे की बीच होती हैं। वहीं कई संस्कृतियों और धार्मिक मान्यताओं में भी इसका जिक्र है। कहा जाता है कि रात का तीसरा पहर बहुत खतरनाक होता है। बता दें कि तीसरा पहर रात 3 से सवेरे 6 बजे के बीच का वक्त होता है। कहा जाता है कि तीसरे पहर में भी 3 से 4 के बीच का वक्त इंसान के लिए सबसे अधिक संकट वाला होता है, इस दौरान सबसे अधिक मौतों होती हैं। लेकिन आज हम मान्यताओं और कहावतों से इतर मेडिकल साइंस के नजरिए से इसे समझने की कोशिश करेंगे।
did maximum deaths happen between 3 to 4 am in night
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300 गुना बढ़ जाता है अस्थमा अटैक का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय इंसान का शरीर बेहद कमजोर होता है। वहीं अगर वह पहले से ही किसी गंभीर समस्या से ग्रसित है तो उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि अस्थमा के अटैक का खतरा दिन के आम वक्त की अपेक्षा 3 से 4 के बीच 300 गुना ज्यादा होता है।
ब्लडप्रेशर भी हो जाता है कम
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वक्त एड्रेनेलिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी हार्मोंस का उत्सर्जन शरीर में बहुत घट जाता है, जिसके चलते शरीर में श्वसनतंत्र बहुत ज्यादा सिकुड़ जाता है। इसके साथ ही इस वक्त दिन की अपेक्षा ब्लडप्रेशर भी सबसे कम होता है, यह भी एक वजह है कि सवेरे 4 बजे सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं।
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वहीं NYU लैंगोन मेडिकल सेंटर की डॉक्टर रोशनी राज का कहना है कि सुबह 6 बजे कोर्टिसोल हार्मोन के तेजी स्त्राव के कारण खून में थक्के जमने और अटैक पड़ने का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन सबसे ज्यादा ब्लडप्रेशर रात में 9 बजे होता है। यह भी लोगों की मौत का कारण बन सकता है। इसके साथ ही डॉ. चंदर असरानी मानते हैं कि कमजोरी के चलते मौत की बात पूरी तरह से गलत है। दरअसल, सुबह 6 से दोपहर 12 के बीच हार्टअटैक की संभावना बहुत ज्यादा होती है, जिसके चलते लोगों की मौत का खतरा बढ़ जाता है।

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