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महीने में 8 दिन रहता है सिर दर्द? सावधान! हो सकता है हार्ट फेल, हाई बीपी और डिप्रेशन का खतरा

  सिरदर्द Headache: लापरवाही न करें, जानिए खतरे के संकेत! क्या आप महीने में आठ या अधिक दिन सिरदर्द (Headache) से परेशान रहते हैं? यदि हाँ, तो यह माइग्रेन (Migraine) का संकेत हो सकता है, जो एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सिरदर्द एक आम समस्या है, जो लगभग हर किसी को कभी न कभी होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि लगातार या तेज सिरदर्द (Headache) गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है?  

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  सिरदर्द (Headache) : लापरवाही न करें, जानिए खतरे के संकेत! क्या आप महीने में आठ या अधिक दिन सिरदर्द से परेशान रहते हैं? यदि हाँ, तो यह माइग्रेन (Migraine) का संकेत हो सकता है, जो एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। सिरदर्द एक आम समस्या है, जो लगभग हर किसी को कभी न कभी होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि लगातार या तेज सिरदर्द (Headache) गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है?  

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माइग्रेन (Migraine) एक ऐसी समस्या है जो सिर के दर्द के साथ उच्च रक्तचाप और अवसाद को भी लेकर आती है। सामान्यत: यह तीन प्रकार की होती है: प्राइमरी, सेकेंडरी, और प्रोटोटाइप सिरदर्द। प्राइमरी माइग्रेन सबसे आम होती है, और इसे सिरदर्द (Headache) के रूप में जाना जाता है। सेकेंडरी माइग्रेन अन्य बीमारियों से जुड़ी होती है। माइग्रेन के साथ-साथ दिल के दौरे और गंभीर अवसाद का भी एक संबंध हो सकता है। इस समस्या का सामाधान करने के लिए सही उपचार और व्यायाम का अहम रोल होता है। यह भी पढ़े-पेट में गैस से सिरदर्द हो रहा है? इन 5 चीजों से तुरंत आराम मिलेगा

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माइग्रेन (Migraine) एक गंभीर सिरदर्द (Headache) है जो जीवन की गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह 20-40 वर्ष की आयु के लोगों में सबसे ज्यादा पाया जाता है।   युवाओं में माइग्रेन का खतरा बढ़ने के कारण: Reasons for increased risk of migraine in youth   हार्मोनल परिवर्तन: महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर में उतार-चढ़ाव माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।तनाव: युवाओं में तनाव का स्तर अधिक होता है, जो माइग्रेन का एक प्रमुख कारण है।अनियमित जीवनशैली: अनियमित नींद, खानपान और व्यायाम माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। महिलाओं में माइग्रेन का खतरा बढ़ने के कारण: Reasons for increased risk of migraine in women:   एस्ट्रोजन: एस्ट्रोजन का स्तर मासिक धर्म चक्र के दौरान बदलता है, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है।रजोनिवृत्ति: रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर घट जाता है, जिससे माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है।

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  माइग्रेन के कारण Causes of migraine माइग्रेन (Migraine) की शुरुआत के पीछे कई कारण और फूड्स जिम्मेदार हो सकते हैं। एसिडटी, तनाव, मोटापा, नींद की कमी या अधिकता, तंत्रिका संबंधी कारण, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, बहुत अधिक गैजेट्स का यूज, महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन और आनुवंशिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।यह भी पढ़े-माइग्रेन से तुरंत राहत, आजमाएं ये 5 घरेलू नुस्खे  

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  माइग्रेन के ट्रिगर Migraine triggers माइग्रेन (Migraine) के ट्रिगर को पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर, इस समस्या के पीछे हमारे खानपान और जीवनशैली के कुछ कारक छुपे होते हैं। अगर महीने में 8-15 दिनों तक सिरदर्द होता है, तो आपको यह जांचना चाहिए कि ये सिरदर्द का कारण क्या है। कॉफी, चॉकलेट, पनीर, चीज, मशरूम, प्रॉसेसेड फूड, खमीर वाले खाने, ज्यादा भोजन, नींद की कमी या अधिकता, तेज गर्मी या ठंडक, आदि ये सभी माइग्रेन को बढ़ाते हैं। साथ ही, कुछ दवाएं भी माइग्रेन का कारण हो सकती हैं।