माइग्रेन से पीड़ित महिलाओं के लिए हार्मोन थेरेपी सुरक्षित

Vikas Gupta

Publish: Oct, 13 2017 11:33:45 (IST)

Health
माइग्रेन से पीड़ित महिलाओं के लिए हार्मोन थेरेपी सुरक्षित

माइग्रेन को लेकर आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आज डाक्टरों ने मिलकर ऐसी दवाएं निकाली हैं जिससे कि माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सके.

माइग्रेन को समझना चाहिए कि माइग्रेन दूसरे तरीके के सरदर्द से अलग कैसे है। शरीर की वो प्रक्रीयाएं जो नार्मल सरदर्द में होती हैं वो माइग्रेन में नहीं होती हैं। माइग्रेन को लेकर आपको बहुत ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आज डाक्टरों ने मिलकर ऐसी दवाएं निकाली हैं जिससे कि माइग्रेन के दर्द को कम करने की जगह माइग्रेन के कारण को खत्म किया जा सके।


हार्मोन थेरेपी रजोनिवृत्ति के लक्षणों का इलाज कराने वाली माइग्रेन से पीडि़त महिलाओं के लिए सुरक्षित है। माइग्रेन अलग-अलग तीव्रता का सिरदर्द होता है, जिससे पीडि़त व्यक्ति को अक्सर मितली और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता की शिकायत रहती है। एक्सोजीनस एस्ट्रोजन का एक साथ उपयोग और माइग्रेन पीडि़त महिलाओं में स्ट्रोक होने का खतरा बढऩे के कारण माइग्रेन से ग्रस्त मरीजों को हार्मोन थेरेपी के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।


अमेरिका में थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी से पीटर एफ. शैंटैज ने कहा, ''यह अध्ययन हार्मोन थेरेपी के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी को स्पष्ट करता है, खासकर 60 साल की कम उम्र की महिलाओं में जो रजनोनिवृत्ति के आसपास की उम्र की हैं. न्यूयार्क के एल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन से जेलेना पावलोविक ने कहा, ''चूंकि माइग्रेन प्रत्येक चार महिलाओं में से एक महिला को प्रभावित करता है और इन्हें अक्सर हार्मोन थेरेपी से बचने की सलाह दी जाती है, इसलिए यह नए निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 67,903 प्रतिभागियों का आकलन किया था, जिनका माइग्रेन, हृदय रोग के लक्षणों के बीच संबंध और हार्मोन थेरेपी के इस्तेमाल का जुड़ाव रहा था।

माइग्रेन के कारण हर एक व्यक्ति में अलग अलग हो सकते हैं इसलिए आप खुद को जानें। क्या आपका माइग्रेन शापिंग के बाद शुरू होता है या मानसिक तनाव से या घर की सफाई करने से। अगर आपको माइग्रेन के कारणों का पता चल गया है तो डॉक्टर के परामर्श के अनुसार कुछ दवाएं लें और ऐसी स्थितियों से दूर रहें जिनसे आपको माइग्रेन हो जाता है। माइग्रेन को वास्कुलर हैड ऐक के नाम से भी जाना जाता है। पुराने समय के अनुसार माइग्रेन दिमाग या चेहरे की रक्त वाहिनिया में हुई गड़बड़ी से होता है। बहुत से हैड ऐक एक्सपर्टस का मानना है कि माइग्रेन एक अनुवांशिक बीमारी है जिसके कारण खान पान, वातावरण में बदलाव, स्ट़ैस लेवल में बदलाव या बहुत अधिक सोना हो सकता है। माइग्रेन के बहुत से प्रकार जाने जाते हैं लेकिन उनमें से 2 स्थितियां बहुत आम हैं।

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