ऐसे बर्तनों के लगातार इस्तेमाल से पैंक्रियाज, लिवर और टेस्टिस (पौरुष ग्रंथि) संबंधी कैंसर, कोलाइटिस, प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कोटिंग छूटने लगे तो बर्तन और हानिकारक हो सकता है।
वैज्ञानिकों के एक नए शोध के अनुसार खाना बनाने वाले नॉन स्टिक बर्तनों के इस्तेमाल से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इनके निर्माण में एक खास कैमिकल का प्रयोग होता है, जिसे पीएफओए कहते है। इन बर्तनों में खाना बनाने से गर्भवती महिलाओं और उनके भू्रण पर असर पड़ता है। बच्चे के थायरॉयड हॉर्मोन का स्तर गिरता है और उसके दिमाग का विकास रुक सकता है।
ऐसे बर्तनों के लगातार इस्तेमाल से पैंक्रियाज, लिवर और टेस्टिस (पौरुष ग्रंथि) संबंधी कैंसर, कोलाइटिस, प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कोटिंग छूटने लगे तो बर्तन और हानिकारक हो सकता है।
इस तरह करें प्रयोग
नॉनस्टिक कुकवेयर की कोटिंग निकलने या उसमें कोई स्के्रच आने पर जब इनमें खाना बनाया जाता है, तो हीट से निकलने वाले विषैले पदार्थ खाने को दूषित कर देते हैं। इसलिए किसी साधारण पैन में थोड़ा-सा नमक डालकर दो मिनट गर्म करें। अब यह बर्तन भी नॉन स्टिक की तरह ही काम करेगा।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।