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नाइट शिफ्ट से नहीं, इस कारण होता है कैंसर

सवाल : नाइट शिफ्ट से क्या कैंसर की आशंका रहती है?
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नाइट शिफ्ट से नहीं, इस कारण होता है कैंसर

नाइट शिफ्ट से नहीं, इस कारण होता है कैंसर

सवाल : नाइट शिफ्ट से क्या कैंसर की आशंका रहती है?
जवाब : नाइट शिफ्ट से कैंसर होने की बात खूब चलती है। लेकिन यह बात नहीं है। नाइट शिफ्ट से कैंसर का कुछ लेना-देना नहीं होता है। लेकिन नींद न पूरी होने से बॉडी में स्ट्रेस बढ़ता है। स्ट्रेस से कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। अगर रात में काम करते हैं तो दिन में पूरा आराम करें। डरने की बात नहीं है। लेकिन हर व्यक्ति को रोजाना की करीब 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। इससे थकान दूर होती है। डैमेज सेल्स भी रिपेयर हो जाते हैं।
सवाल : अनियमित पीरियड्स से भी क्या कैंसर हो सकता है?
जवाब : केवल पीरियड्स अनियमित रहने से कैंसर नहीं होता है। अधिक रक्तस्राव से खून की कमी हो सकती है। अगर ब्लीडिंग से रोजाना 4-5 पैड रोज बदलने पड़े तो इसका परीक्षण जरूरी है। लेकिन कई बार कैंसर के कारण अनियमित पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। हैवी ब्लीडिंग होती है। इसमें शुुरुआती इलाज से फायदा नहीं होता है। कैंसर का इलाज करना पड़ता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।