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Corona virus: कोरोना से ठीक हो चुके लोग ना करें इन 7 संकेतों को नजरअंदाज, पड़ सकता है भारी

COVID-19 के युवा और बुजुर्ग मरीजों में खून के थक्के बनने की समस्या अब ज्यादा देखी जा रही है बड़ रहा है किडनी के फेल होने का खतरा ज्यादा
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Pratibha Tripathi

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Updated: 25 Feb 2021, 7:26 PM IST

Impact of COVID-19

Impact of COVID-19

नई दिल्ली। कोरोना महामारी(COVID-19) से लोग अभी उबर भी नही पाए थे कि दूसरी बार इस महामारी ने फिर करवट लेली है। नया रूप लेकर आई यह महामारी पुराने से भी ज्यादा खतरनाक है। यहां तक कि इसमें पाए जाने वाले लक्षण भी पुराने कोरोना संक्रमण से अलग दिखाई दे रहे है। अभी हाल ही में हुए एक स्टडी से पता चला है कि जो लोग कोरोना वायरस (Impact of COVID-19)से ठीक होकर घर जा चुके थे वे लोग अब कई तरह की नई बीमारी से जूझ रहे है क्योंकि इसका असर लोगों के ब्लड फ्लो पर तेजी से पड़ा है। और खून के बहाव में आने वाली रुकावटों की वजह से कई बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि आप कोरोना से ठीक हो चुके हैं तो भी इन 7 संकेतों को नजरअंदाज करना आप पर भारी पड़ सकता है. आइए जानते हैं इनके बारे में...

गंभीर ब्लड क्लॉटिंग- अस्पताल में भर्ती COVID-19 के युवा और बुजुर्ग मरीज जो ठीक होकर घर जा कुके है उनमें अब खून के थक्के बनने की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है. डॉक्टर्स का कहना है कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पहले से बीमारी वाले लोगों में ब्लड क्लॉटिंग खतरनाक हो सकता है।

फेफड़ों और दिल को नुकसान- जिन मरीजों का खून गाढ़ा हो रहा है उन्हें COVID-19 के बाद गंभीर ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो रही है। जो सीधे फेफड़ों और दिल पर असर कर रहा है। एक स्टडी के मुताबिक ब्लड क्लॉट फेफड़ों में रुकावट डालकर सांस की तकलीफ जैसी कई समस्याएं पैदा कर सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में इसकी वजह से हार्ट अटैक भी आ सकता है।

किडनी खराब होना- जॉन हॉपकिंस मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक ब्लड क्लॉटिंग की वजह से किडनी की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

थ्रोम्बोसिस- ब्लड से जुड़ा COVID-19 का एक और गंभीर खतरा डीप वेन थ्रोम्बोसिस का भी है। इसके होने से पैर की नसों में ब्लड क्लॉट बन जाता है। ज्यादातर लोगों को ये पैर के निचले हिस्से में होता है लेकिन कुछ लोगों को ये शरीर के अन्य हिस्से में भी हो सकता है. अगर इसका इलाज सही समय से ना किया जाए तो ये गंभीर हो सकता है।

शरीर में सूजन- कोरोना वायरस की वजह कुछ लोगों के शरीर में सूजन भी हो रही है. जब वायरस त्वचा पर हमला करता है तो ये खून के कई थक्के बना देता है जिसकी वजह से घाव और सूजन होने लगता है. इसमें बहुत दर्द होता है. इसलिए कोरोना के लक्षण में सूजन को अनदेखा ना करें।

त्वचा का रंग बदलना और चकत्ते पड़ना- स्किन में इन्फेक्शन होने क कतरे ज्यादा देखने व सुने को मिले है। वायरस का असर जब खून पर पड़ता है तो इसकी वजह से स्किन खराब होने लगती है. पैर की उंगलियों का अजीब हो जाना कोरोना के एक लक्षण के रूप में देखा जाता है लेकिन कई शोध से पता चला है कि ब्लड फ्लो पर वायरस के प्रभाव से स्किन का कलर भी बदलने लगता है।

स्ट्रोक का खतरा- कोरोना के मरीजों में स्ट्रोक आने का भी खतरा रहता है. ये खतरा उन्हें भी हो सकता है जिन्हें दिल से जुड़ी कोई बीमारी ना हो. ब्लड फ्लो का सही ना होना या फिर ब्लड क्लॉटिंग स्ट्रोक का मुख्य कारण हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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