मामला परीक्षा में ब्राह्मणों पर पूछे आपित्तजनक सवाल का: एचएसएससी बोर्ड के चेयरमैन निलंबित

Shankar Sharma

Publish: May, 17 2018 10:09:09 PM (IST)

Hisar, Haryana, India
मामला परीक्षा में ब्राह्मणों पर पूछे आपित्तजनक सवाल का: एचएसएससी बोर्ड के चेयरमैन निलंबित

ब्राह्मणों के विरूद्ध पूछे गए आपत्तिजनक सवाल पर उठे विवाद की गाज बृहस्पतिवार को बोर्ड चेयरमैन पर गिर गई।

चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में ब्राह्मणों के विरूद्ध पूछे गए आपत्तिजनक सवाल पर उठे विवाद की गाज बृहस्पतिवार को बोर्ड चेयरमैन पर गिर गई। हरियाणा के ब्राह्मण नेताओं तथा जनप्रतिनिधियों के बाद मुख्यमंत्री ने न केवल प्रश्न पत्र तैयार करने वाले शिक्षाविद् के विरूद्ध मामला दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए बल्कि जांच के चलते बोर्ड चेयरमैन को भी निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा लिए गए इस बोल्ड स्टैप की चर्चा हरियाणा में हो रही है।


एचएसएससी द्वारा ली गई जेई की परीक्षा में ब्राह्मणों के संबंध में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के बाद प्रदेश भर में विवाद छिड़ा हुआ था। विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ हरियाणा सरकार के मंत्री भी इस मुद्दे पर कर्मचारी चयन आयोग को घेर रहे थे। बुधवार को ही वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बोर्ड चेयरमैन को नाराजगी भरा पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी।


मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बुधवार को विदेश से वापस आते ही इस मुद्दे पर आज ब्राह्मण विधायकों,मंत्रियों, बोर्ड व निगमों के चेयरमैन तथा ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स, भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक नरेश कौशिक, बसपा विधायक टेकचंद शर्मा, आजाद विधायक दिनेश कौशिक, विधायक लतिका शर्मा के प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा, चेयरमैन जी.एल. शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मïण आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरि राम दीक्षित, गौड़ ब्राह्मïण सभा के प्रधान आजाद अत्री और संजीव भारद्वाज समेत करीब दो सौ प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।


चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण पर ब्राह्मण नेताओं व जनप्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। बैठक में कई पहलूओं पर विचार-विमर्श के बाद जब सहमति नहीं बनी तो मुख्यमंत्री ने ब्राह्मण प्रतिनिधियों को शांत करते हुए पूरे मामले की जांच करवाने तथा बोर्ड चेयरमैन को जांच तक निलंबित किए जाने के आदेश जारी कर दिए।


बैठक में ब्राह्मण नेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बताया कि भारती तब तक राज्य कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद से निलंबित रहेंगे, जब तक इस पूरे मामले की जांच चलेगी। यह जांच कोई उच्च सक्षम अधिकारी करेगा। राज्य सरकार अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से जांच कराने को तैयार है। एडवोकेट जनरल से जांच के प्रारूप के बारे में राय ली जा रही है।


उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट करने वाले मुख्य परीक्षक को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया है। उसे डी-बार करते हुए राज्य सरकार ने दिल्ली की कंपनी, कंपनी के साथ अनुबंधित मुख्य परीक्षक तथा विवादित सवाल छापने वाली पुस्तक के प्रकाशक अरिहंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्णय लिया गया है।


भाजपा नेता एवं राज्यसभा सदस्य डीपी वत्स तथा ब्राह्मण नेता संजीव भारद्वाज ने सरकार के साथ हुई बातचीत पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ब्राह्मणों की समस्त मांग मानने को तैयार हो गई है और अब कहीं कोई विवाद की स्थिति नहीं है। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के अनुसार सोनीपत में धरने पर बैठे ब्राह्मण समाज के लोगों से भी बातचीत हो गई है और उन्हें राज्य सरकार के फैसले की जानकारी दे दी गई है। उनके द्वारा दिया जा रहा धरना उठाया जा रहा है।


कैसे चला पूरा घटनाक्रम
10 अप्रैल 2018 जेई की परीक्षा में ब्राह्मणों के संबंध में आपत्तिजनक सवाल पूछा गया।
01 मई 2018 ब्राह्मण नेताओं ने सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोला
02 मई 2018 विपक्षी राजनीतिक दलों ने सरकार की घेराबंदी की।
06 मई 2018 विवाद के बीच मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर रवाना।
14 मई 2018 प्रश्न पत्र तैयार करने वाले शिक्षाविद् को किया गया प्रतिबंधित।
16 मई 2018 विदेश से लौटे सीएम ने बोर्ड चेयरमैन को दी क्लीन चिट
17 मई 2018 ब्राह्मण प्रतिनिधियों से बैठक के बाद बोर्ड चेयरमैन निलंबित

इस सवाल पर हुआ विवाद और भारती की हो गई छुट्टी
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में विवादित सवाल पूछा गया था। परीक्षा में आयोग ने पूछा था कि हरियाणा में निम्न में कौन अपशकुन नहीं माना जाता। उत्तर के विकल्पों में पानी से भरा मटका, काला ब्राह्मण, ब्राह्मण कन्या को देखना और फ्यूल भरा कास्केट दिया गया था। इस सवाल पर पूरे राज्य में विवाद खड़ा हो गया था। इस सवाल के बारे में पता चलते ही समूचे हरियाणा में ब्राह्मणों ने सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया था।

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