जिले के 961 निजी स्कूल नहीं बता रहे कितनी फीस ली

संभाग में1782 निजी स्कूलों में से अभी तक 821 स्कूलों ने ही अपलोड की फीस संबंधी जानकारी

By: rajendra parihar

Published: 11 Oct 2021, 12:57 PM IST

राजेन्द्र परिहार, होशंगाबाद- सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए निजी स्कूलों को पिछले शैक्षणिक सत्र में वसूली गई फीस की जानकारी तीन सितंबर तक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। समय सीमा के एक महीने बाद भी संभाग के 1782 स्कूलों में 961 निजी स्कूलों ने नहीं बताया कि कोरोला काल में स्कूली विद्यार्थियों से कितनी फीस वसूली गई। अब भी तक संभाग के 821 स्कूलों ने ही पोर्टल पर फीस संबंधी जानकारी अपलोड की है। कोर्ट के निर्देश है कि फीस की जानकारी के आधार पर अभिभावक फीस में गड़बड़ी होने पर एक महीने की अवधि में जिला समिति को शिकायत कर सकते थे। लेकिन फीस की जानकारी देने की आखिरी समय सीमा बीत जाने के एक महीने बाद भी संभाग के 53.93 फीसदी निजी स्कूलों जानकारी ही नहीं दी है।
अब डीईओ और जेडी को मिली जिम्मेदारी
लोकशिक्षण संचालनालय आयुक्त अभय वर्मा ने अब इसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी व संयुक्त संचालक को सौंपी है। आदेश के तहत अब इन अधिकारियों ो वक्तिगत तौर पर निजी स्कूलों की मॉनीटरिंग करना होगा। साथ ही 11 अक्टूबर तक सभी निजी स्कूलों की जानकारी अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कोर्ट के आदेश का पालन हो सकेे। साथ ही जानकारी नहीं देने वालेे स्कूलों पर कार्रवाई करने की बात भी आदेश में कही गई है।
शिकायत को 28 दिन में हल करना जरूरी
कोर्ट ने पालकों को राहत देते हुए कहा था कि किसी भी अभिभावक को स्कूल से कोई शिकायत है, तो वह कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी जिला समिति के सामने अपनी बात रखेगा। समिति को चार सप्ताह में इसका निराकरण करना होगा। पूर्व में पालकों के द्वारा की जाने वाली शिकायत पर जिला प्रशासन गंभीर नहीं होता था। अधिकार क्षेत्र नहीं होने का कहकर टाल देते थे। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
फैक्ट फाइल
जिला - कुल स्कूल - इतनों ने दी जानकारी - प्रगति
बैतूल - 659 - 229 - 34.75 फीसदी
हरदा - 378 - 193 - 51.06 फीसदी
होशंगाबाद - 745 - 399 - 53.56 फीसदी
इनका कहना है
निजी स्कूलों को एजुकेशन पोर्टल पर फीस की जानकारी अपलोड करानी थी। संभाग के अधिकतर स्कूलों ने जानकारी अपलोड नहीं की है। अब लापरवाही करने वाले स्कूल संचालकों की मॉनीटरिंग की जाएगी। जानकारी नहीं देने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
अरविंद सिंह, संयुक्त संचालक, लोकशिक्षण

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