सहकारी बैंक ने नहीं चुकाया 103 करोड़, विपणन संघ ने खाद की सप्लाई रोकी

सहकारी बैंक ने नहीं चुकाया 103 करोड़, विपणन संघ ने खाद की सप्लाई रोकी

Pradeep Sahu | Updated: 13 Oct 2018, 07:00:00 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

4300० टन यूरिया-डीएपी की जरूरत और सिर्फ १५०00 टन मौजूद

होशंगाबाद. पिछले साल खाद सप्लाई का 103 करोड़ का भुगतान नहीं किए जाने के कारण इस सीजन में विपणन संघ ने खाद की सप्लाई रोक दी। उसने जिला सहकारी बैंक से तकाजा किया है कि पहले उसका पिछला भुगतान किया जाए। इन दोनों संस्थाओं के झगड़े के बीच किसान रहा है। उसे यूरिया और डीएपी की जरूरत है, लेकिन यह सोसायटियों में पहुंच ही नहीं पा रहा है। जिले में हर साल 43 हजार टन यूरिया एवं डीएपी की खपत होती है, लेकिन अभी सिर्फ १५ हजार टन ही स्टाक मौजूद है।
सूत्र बताते हैं कि बकाया राशि नहीं मिलने के कारण होशंगाबाद जिले में 99 सोसायटियों में डीएपी-यूरिया की सप्लाई ठप पड़ी है। सहकारी बैंक के पास डीएपी-यूरिया के लिए फंड नहीं बचा है। ऐसे में सहकारी समितियों द्वारा मांग पत्र भेजने के बाद भी खाद की सप्लाई नहीं की जा रही है। जिला सहकारी बैंक को पुरानी इटारसी से ४५०० टन डीएपी व यूरिया की डिमांड एक महीने पहले भेजी जा चुकी है। बावजूद इसके अभी तक डीएपी व यूरिया नहीं दिया गया। सहकारी बैंक के सुपरवाइजर ब्रजमोहन चौरे ने बताया कि डीएमओ से बात की थी लेकिन उनका कहना था कि जिला सहकारी बैंक पर बकाया है। इसी वजह से खाद नहीं दे रहे हैं। किसान विजय चौधरी ने कहा कि सोसायटी में खाद नहीं होने से डीएपी-यूरिया बाजार से नगद में खरीदना पड़ रहा है।

कहां गए २० लाख रुपए- बैठक में जिला सहकारी बैंक के सीईओ ने बताया कि बनखेड़ी ब्र्रांच को २० लाख रुपए नगद उपलब्ध कराए गए थे। मामले में कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। कहा गया कि नोटिस जारी किया जाए, कि २० लाख रुपए ब्रांच मैनेजर द्वारा कब और किसको दिया गया।

बैठक में निर्णय- जिला उपार्जन समिति की बैठक 9 अक्टूबर को हुई। बैठक में रासायनिक उर्वरक पर चर्चा की गई। बताया गया कि किसानों को समितियों से नगद में खाद बेचा जा सकता है। समितियां कमर्शियल बैंक से डीडी बनवाकर खाद ले सकती है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ ने बताया कि समितियों के पास फंड नहीं है।
एक करोड़ मिले तब यहां भेजा खाद- जिला सहकारी बैंक ने शुक्रवार को विपणन संघ को १ करोड़ १० लाख रुपए का भुगतान किया। इसके बाद सिवनीमालवा की १४ सोसाटियों में डीएपी-यूरिया की खेप रवाना की गई। प्रत्येक सोसायटी में २५-२५ टन खाद दिया जाएगा।
डीएपी के दाम बढ़े- किसानों को इस बार करीब सौ रुपए महंगा डीएपी खरीदना पड़ेगा। डीएपी की कीमत १३४० से १४०० रुपए है। जबकि पिछले साल भाव १२५० से १२९० रुपए था। यूरिया की बोरी का वजन घटाकर ५० से ४५ किलो कर दिया गया है। यूरिया पहले २९५ रुपए था, अब २६६.५० रुपए में मिलेगा।

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