प्रदेश में हर दिन हो रहीं 30 मौतें, जानें ये कारण

प्रदेश में हर दिन हो रहीं 30 मौतें, जानें ये कारण

Sandeep Nayak | Publish: Sep, 09 2018 05:13:32 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

प्राथमिक उपचार नहीं मिलने से हर रोज होती हैं मौतें, तीन साल में ट्रेनिंग लेने आए 256 लोग

होशंगाबाद। प्रदेश में हर दिन सड़क दुर्घटना में घायल हुए 30 लोगों की मौत इस वजह से हो जाती है कि उन्हें प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता। लेकिन आज भी इसे सीखने की लोगों में रूचि नहीं है। होशंगाबाद जिले में पिछले तीन साल में जिंदगी बचाने की ट्रेनिंग लेने के लिए महज 256 लोग ही सामने आए। जबकि होशंगाबाद में ही हर साल प्राथमिक उपचार नहीं मिलने की वजह से एक दर्जन से अधिक मौते होंती हैं। लोगों के बीच प्राथमिक उपचार का महत्व समझाने और जागरुकता लाने के लिए हर वर्ष सितंबर के दूसरे शनिवार को विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। रेडक्रास सोसायटी ने तीन सालों में करीब २५६ लोगों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया है। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।

क्या करें प्राथमिक उपचार के लिए
घर और गाड़ी में अपने साथ हमेशा प्राथमिक उपचार किट रखना चाहिए। डूबने, जलने, हृदयघात, सड़क दुर्घटना और आत्मघात में प्राथमिक उपचार से जान बचाई जा सकती है। घायल इंसान को तुरंत उपचार मिलना चाहिए। प्राथमिक उपचार कोई भी कर सकता है इसके लिए एक मामूली प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।

 

 

पानी में डूबने पर क्या करें
- पीडि़त को पानी से बाहर निकालें। कंबल से ढक दें।
- सुनिश्चित करें कि उसमें हाइपोथर्मिया के लक्षण तो नहीं दिख रहे हैं।
- यदि पीडि़त सांस नहीं ले रहा है तो तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिस्साइटेशन) दें। इस तकनीक में व्यक्ति के सीने पर दबाव डालकर उसकी सांस लौटाई जाती है।

आग से जलने पर क्या करें
- जले स्थान पर पांच मिनट तक ठंडा पानी डालें। रगड़े नहीं।

- हल्के कसाव से पट्टी बांध दें, जिससे वहां संक्रमण न हो सके।
सड़क दुर्घटना में प्राथमिक उपचार

- बेहोश इंसान को तरल न पिलाएं। यह श्वांस नली में जाकर दम घोंट सकता है।
- बेहोश व्यक्ति को चपत लगाकर या हिलाकर होश में लाने की कोशिश न करें।

- खून बहने से रोकें।
- गर्दन या रीढ़ में चोट लगे व्यक्ति को इधर से उधर खिसकाया न जाए।

- सुनिश्चित करें कि घायल की जीभ उसकी श्वांस नली को ब्लॉक न करे।
- घायल का सांस लेते रहना जरूरी है। यदि सांस बंद हो तो कृत्रिम सांस देने का उपाय करें।

- इस दौरान एंबुलेंस या किसी अन्य वाहन से घायल को अस्पताल ले जाएं।
इनका कहना है

रेडक्रास सोसायटी हर साल लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित कर रही है। आने वाले दिनों में शहर के ऑटो चालकों को भी इसका प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। - डॉ.सुधीर डेहरिया, सीएस होशंगाबाद

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