आफत की बरसात: किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, किसानों ने कहा...आसमान से बरसी आफत

आधा घंटे ओलावृष्टि से खेतों में बिछ गए गेहूं के पौधे, टूटी बालियां, 50 प्रतिशत फसल बर्बाद

By: poonam soni

Published: 19 Mar 2020, 12:40 PM IST

होशंगाबाद। बेमौसम बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बुधवार सुबह 6.30 बजे तेज बारिश और 100 ग्राम से ज्यादा बड़े आकार के ओले आफत बनकर आसमान से बरसे। जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर डोलरिया तहसील में देखा गया। यहां 9 गांव के 20 हजार एकड़ में लगी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। ओलावृष्टि से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गई हैं। बारिश और ओलावृष्टि से डोलरिया तहसील के इन गांवों में लगभग 50 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। ओलावृष्टि से डोलरिया तहसील के डोलरिया, डूडूगांव, शैल, आमुपुरा, सुपरली, दहेड़ी, खरार, दतवासा, चंदवाड़ में लगभग 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा सेमरी, जमानी, भीलाखेड़ी, सुपरली, धुरपन, बैंगनिया, भट्टी क्षेत्र में भी बारिश से करीब 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है।


किसानों ने दिया धरना
फसल नुकसानी के बाद डोलरिया तहसील के किसानों ने सर्वे की मांग को लेकर धरना दे दिया। किसान तहसील कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। किसान लीलाधर राजपूत, पन्नालाल गौर, नरेंद्र बड़कुर, दीपेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि फसल लगभग पक चुकी थी। ओलावृष्टि से खेतों में गेहूं के पौधे बिछ गए हैं और बालियां टूटकर गिर गए। जिससे भारी नुकसान हुआ है। धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद एसडीएम आदित्य रिछारिया ने मौके पर पहुंचकर सर्वे कराने का आश्वासन दिया।


बंपर उत्पादन पर पड़ेगा असर-
जिले में इस साल 3 लाख 8 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगाई गई है। कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक पिछले साल प्रति हेक्टेयर 48 क्विंटल उत्पादन मिला था, जो इस साल 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन होने की उम्मीद जताई गई थी।

इनका कहना है...

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से डोलरिया तहसील में ज्यादा नुकसान हुआ है। नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।

-आदित्य रिछारिया, एसडीएम

किसानों ने कहा...आसमान से बरसी आफत

डोलरिया के किसान महेंद्र ङ्क्षसह राजपूत ने बताया कि उनके दस एकड़ खेत में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। शिवनारायण राजपूत के डेढ़ एकड़, रोहित राजपूत के दो एकड़, सूरज राजपूत के 4 एकड़, उमाशंकर राजपूत के तीन एकड़ और मोनिस राजपूत के 5 एकड़ खेत में फसल बुरी तरह खराब हो गई है। किसानों ने कहा एक सप्ताह में कटाई शुरू करने वाले थे, इसी दौरान बारिश और ओलावृष्टि ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।

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