खाताधारकों से कनेक्ट नहीं हुआ एमएमटी सिस्टम

डाकघर की योजना फेल

By: yashwant janoriya

Published: 27 Dec 2017, 09:10 AM IST

इटारसी. डाक विभाग ने चार साल पहले एक शहर से दूसरे शहर में खाताधारकों की राशि ट्रांसफर करने हाईटेक सिस्टम एमएमटी यानी मोबाइल मनी ट्रांसफर सिस्टम अपनाया था, मगर इस सिस्टम से डाकघर का खाताधारक ज्यादा कनेक्ट नहीं हो सका। योजना लांच होने के शुरूआती समय में एमएमटी सिस्टम से मनी ट्रांसफर करने खाताधारकों ने रुचि दिखाई मगर बाद में अन्य विकल्प मिलने से उन्होंने इससे दूरी बना ली। डाक विभाग ने खाताधारकों को इससे जोडऩे के लिए तमाम प्रयास भी किए मगर नतीजा सिफर ही रहा। योजना लांच होने के बाद सितंबर 2013 से अगस्त 2017 तक केवल 62 ट्रांजेक्शन ही किए गए हैं। मौजूदा हालत में यह योजना फेल हो गई है।

2013 में आई थी एमएमटी स्कीम - डाक विभाग ने सितंबर 2013 में एक शहर से दूसरे शहर में पैसा ट्रांसफर करने के लिए एमएमटी योजना लांच की थी। एमएमटी यानी मोबाइल मनी ट्रांसफर स्कीम के तहत राशि जमा करने वाले से एक फॉर्म भरवाया जाता है जिसमें उसका मोबाइल नंबर लिया जाता है। इसी तरह जिसे पैसा भेजना होता है उसका मोबाइल नंबर भी लिया जाता है। पैसा जमा कराने वाले से डाक विभाग निर्धारित राशि की रसीद कटवाने के बाद दोनों व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों पर मैसेज और सीक्रेट कोड पहुंचाता है। पैसा निकालने वाले व्यक्ति उसके डाकघर में वह मैसेज और गुप्त बताना होता है जिसके मिलान के बाद उक्त व्यक्ति को भेजी गई राशि का भुगतान कर दिया जाता है।


तुलनात्मक स्थिति
मनीऑर्डर सिस्टम
1000-1500 रुपए पर 50-75 रुपए देना होते हैं
1501-5000 रुपए पर 77-250 रुपए देना होते हैं
5001-10000 रुपए पर 251-500 रुपए देना होते हैं।
एमएमटी योजना
1000-1500 पर 45 रु. देना होता है
1501-5000 पर 79 रु देना होता है
5001-10000 रुपए पर 112 रुपए देना होता है

योजना जब लॉन्च हुई थी तब उसका काफी लोगों ने लाभ उठाया था मगर अब मनी ट्रांसफर के कई ऑप्शन हो गए हैं जिससे एमएमटी स्कीम का उपयोग कम हो गया है।
वसुंधरा गुलहाने, प्रवर अधीक्षक डाकघर, होशंगाबाद

yashwant janoriya
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned