गैंगरेप में समझौते का दबाव बना रहा एएसआई

नर्स का अपहरण कर दो लोगों ने किया था दुराचार, रिपोर्ट लिखाने थाने गई तो पुलिस ने कहा-समझौता कर लो

By: Deepak Gadve

Published: 14 Nov 2017, 12:29 PM IST

हरदा। बीमार मां को इजेंक्शन लगाने के बहाने से एक नर्स को दो युवक स्कार्पियों से अपने साथ ले गए, फिर जंगल में ले जाकर बलात्कार किया। पीडि़त थाने पहुंची तो वहां मौजूद एएसआई ने कहा कि वह खतरनाक लोग हैं, समझौता कर ले। मीडिया में मामला आने के बाद एसपी ने एएसआई को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले एसपी ने कहा था कि एएसआई बेकसूर है। मामला हरदा जिले की सिविल लाइन पुलिस चौकी का है।
पुलिस ने बताया कि खंडवा की रहने वाली नर्स का शनिवार रात को हरदा के बस स्टेंड से ग्राम नहाडि़या निवासी इमरत लाल विश्नोई और उसके साथी हरनारायण उर्फ हरू विश्नोई ने अपहरण कर लिया था। वह इमरत की पूर्व परिचित थी। इस कारण इमरत ने उसे बीमार मां को इंजेक्शन लगाने के लिए बुलाया था। उसने खातेगांव से लौटते समय इंजेक्शन और ग्लूकोज की वाटल लगाने का कहा था। आरोपी उसे बस स्टेंड से स्कार्पियो में यह कहकर ले गए थे कि मां को इजेक्शन लगाने के बाद छोड़ देंगे, लेकिन फिर सुनसान इलाके में ले जाकर रिवाल्वार अड़ाकर दोनों ने बलात्कार किया।
इसके बाद उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर छोड़ गए। पीडि़त नर्स अपने एक परिचित को बुलाकर थाने पहुंची तो वहां मौजूद एएसआई विजय जाट ने रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की।
पहले उसे डराया कि आरोपी खतरनाक हैं, पैसे लेकर मामला रफा-दफा कर ले। पीडि़त नर्स ने सीएम हेल्प लाइन ओर आईजी सहित अन्य के खिलाफ शिकायत की तब जाकर मामला दर्ज हुआ। नर्स ने सोमवार को एसपी राजेश कुमार सिंह से मिली। उन्हें बताया कि इमरत के खिलाफ उसकी रिपोर्ट लिखी गई। लेकिन दूसरे आरोपी को अज्ञात बताकर दर्ज किया गया। जबकि पीडि़ता ने आरोपी का नाम बताया था। वहीं दूसरी तरफ एएसआई विजय जाट ने आरोपियों का पक्ष लेते हुए पीडि़ता को पैसे का लालच देते हुए शिकायत वापस लेने और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए धमकाया था। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस टीम गांवों में गई थी, लेकिन फिलहाल उनके हाथ आरोपी नहीं लगे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पीडि़ता के आरोप के बाद एएसआई विजय जाट को निलंबित कर दिया गया।

आरोपी को गिरफ्तार करने दी दबिश
श हर के बस स्टैंड से दो लोगों ने खंडवा की नर्स को अगवा करके खेत में ले जाकर एक युवक ने उसके साथ स्कार्पियों में बलात्कार किया था। पुलिस ने इस मामले में महिला को रिपोर्ट नहीं दर्ज कराने के लिए रोकने वाले एएसआई विजय जाट को निलंबित कर दिया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गांवों में दबीश दी, लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं हुई। सोमवार को पीडि़त महिला ने एसपी राजेश कुमार सिंह से मुलाकात कर अपने बयान दर्ज कराए।

सिर पर रिवाल्वर रखकर दी थी धमकी
उल्लेखनीय है कि शनिवार देर रात को खंडवा की नर्स महिला को ग्राम नहाडिय़ा के इमरतलाल विश्नोई ने फोन करके अपनी बीमार मां को बॉटल और इंजेक्शन लगाने के लिए कहा था। जिस पर नर्स ने शाम को खातेगांव से आकर उसे अटेंड करने को कहा। जब शाम को स्थानीय बस स्टैंड पर पहुंचीं तो आरोपी इमरत अपने एक अन्य साथी हरनारायण उर्फ हरू विश्नोई निवासी ग्राम नहाडिय़ा के साथ सफेद चार पहिया वाहन में बिठाकर उसे गांव की ओर ले गया था। यहां पर आरोपियों ने कार को एक खेत के पास खड़ी कर दी। हरनारायण ने महिला के सिर पर रिवाल्वर रखकर मुंह बंद रखने के लिए कहा। इसके बाद इमरत ने कार में ही उसके साथ ज्यादती की।
शिकायत वापस लेने बनया था दबाव
महिला सिविल लाइन पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची थी। यहां पर इमरत के खिलाफ उसकी रिपोर्ट लिखी गई। लेकिन दूसरे आरोपी को अज्ञात बताकर दर्ज किया गया। जबकि पीडि़ता ने आरोपी का नाम बताया था। वहीं दूसरी तरफ एएसआई विजय जाट ने आरोपियों का पक्ष लेते हुए पीडि़ता को पैसे का लालच देते हुए शिकायत वापस लेने और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए धमकाया था। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस टीम गांवों में गईथी, लेकिन फिलहाल उनके हाथ आरोपी नहीं लगे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पीडि़ता के आरोप के बाद एएसआई विजय जाट को निलंबित कर दिया गया।

Deepak Gadve Desk/Reporting
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