Video: मध्यप्रदेश के इस जिले में भोलेनाथ का अभिषेक करने खुद आती हैं, प्रकृति

poonam soni | Updated: 17 Jul 2019, 01:29:05 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सावन के पहले दिन काले महादेव मंदिर में धूमधाम से हुई भगवान की भस्म आती

होशंगाबाद. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में सेठानीघाट स्थित भोलेनाथ का मंदिर हैं। जहां हर दिन भगवान भोलेनाथ को अलग अलग रूपों में देखा जाता है। सबसे खास बात भोलेनाथ के इस प्राचीन मंदिर में कई सालों से सावन के महीने में प्रकृति खुद इनका अभिषेक करने यहां आती है। जी हां..यह सत्य है। गोलघाट स्थित कालेमहादेव धार्मिक नगरी होशंगाबाद की आस्था का केंद्र हैं। कहा जाता है कि सावन के महिने में एक बार प्रकृति भी महादेव का जलाभिषेक करती है। यहां पर पूरे सावन भर भगवान की भस्म आरती सुबह चार बजे से की जाती है। प्रतिदिन भगवान का अलग अलग रूपों में श्रृंगार किया जाता है।

 

उज्जैन की तर्ज पर मनाया जाता है त्योहार
कालेमहादेव मंदिर में 7 सालों से उज्जैन की तर्ज पर शिवरात्रि, महानवरात्र मनाया जा रहा है। इसके अलावा त्योहारों के अनुसार महादेव का श्रृंगार किया जाता है। साथ ही उज्जैन के मंदिर की तर्ज पर शहर के इस मंदिर का निर्माण भी किया गया है। सावन को लेकर मंदिर में रोज भगवान की भस्मआरती की जाती है।

 

1840 में रखी गई थी नींव
1840 में इस मंदिर की नींव रखी गई थी। गोलघाट स्थित इस स्थान पर पहले एक चबूतरे पर शिवलिंग और नंदी महाराज की प्रतिमा हुआ करती थी। धीरे-धीरे इसे मंदिर का स्वरूप दिया गया। तीस साल पहले संतोष शर्मा ने महादेव की सेवा की।

 

ग्रहण के कारण एक घंटे देरी से हुई आरती
चंद्रग्रहण के कारण भगवान भोलेनाथ की भस्मआरती एक घंटे देरी से हुई। काले महादेव सेवा समिति सदस्यों ने बताया कि श्रावण के पहले अलसुबह तक चंद्रग्रहण होने से ४.३० बजे भगवान के पट खोले गए। फिर मंदिर साफ कर उनका नाना प्रकार के रसों से अभिषेक किया। श्रृंगार किया।

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