स्मार्टफोन के ऐप्स भी रखते हैं आप पर नजर, ऐसे बचाएं खुद को

स्पाइंग ऐप्स के माध्यम से बिना इजाजत फोटो क्लिक करना, माइक ऑन करके बातें सुनना, चैट्स को पढऩा और मोबाइल बैंकिंग को एक्सेस आसानी से किया जा सकता है। यदि ये एक बार मोबाइल फोन में इंस्टॉल हो जाए तो यूजर्स की प्राइवेसी खत्म हो जाती है।

By: सुनील शर्मा

Published: 27 Dec 2020, 05:57 PM IST

इन दिनों बाजार में बहुत सारे ऐसे एप्लीकेशन मौजूद हैं जो लोगों के स्मार्ट मोबाइल फोन्स पर नजर रखते हैं। कंपनियां लोगों को इन्हें स्पाइंग ऐप्स के नाम से बेचती हैं जिसकी कीमत भी काफी होती है। ये साढ़े तीन हजार से पन्द्रह हजार रुपए तक के हो सकते हैं। साइबर एक्सपर्ट के अनुसार इनका काम अक्सर लोगों की चैट्स, मैसेज और कॉन्टेक्ट्स को एक्सेस करने का होता है। एंड्रॉयड और आइफोन दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए यह मौजूद हैं।

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क्या करते हैं ये स्पाइंग ऐप्स
स्पाइंग ऐप्स के माध्यम से बिना इजाजत फोटो क्लिक करना, माइक ऑन करके बातें सुनना, चैट्स को पढऩा और मोबाइल बैंकिंग को एक्सेस आसानी से किया जा सकता है। यदि ये एक बार मोबाइल फोन में इंस्टॉल हो जाए तो यूजर्स की प्राइवेसी खत्म हो जाती है। फाइल शेयरिंग के माध्यम से ये फैलती है। इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करना मुश्किल है। इसे हटाने के का एक मात्र तरीका है कि फोन के ओएस सिस्टम को रीसेट किया जाए, जो केवल फोन कम्पनी कर सकती है।

अनावश्यक अनुमति न दें
ऐप सेटिंग्स में जाकर सभी गैर जरूरी ऐप अनइंस्टॉल करें। मोर सेटिंग्स पर जाकर थर्ड पार्टी ऐप के इंस्टॉलेशन को बंद कर दें। थर्ड पार्टी ऐप्स डाउनलोड करने से बचें। फोन को रूट या जैलब्रेक ना करें। एंटी वायरस अपडेटेड रखें और फोन को निरंतर स्कैन करते रहें। शक होने पर wireshark से डेटा पैकेट्स को monitor करें।

सुनील शर्मा
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