
नई दिल्ली: जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आए, इंसान को उस मुश्किल का डटकर सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इस बात की जीती-जागती उदाहरण हैं उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली नूपुर चौहान। 'अंधेरा चाहे कितना भी घना हो, मैं झांसी की रानी की तरह उठूंगी और अपने लिए सब कुछ बदल दूंगी।' ऐसी बातों को करते हुए नूपुर आगे बढ़ रही हैं।
खेल रही हैं करोड़पति में
मशहूर क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन में इस बार नूपुर खेल रही हैं। इसी शो के जरिए वो चर्चा में आई हैं। वो दिव्यांग हैं, लेकिन उनके इरादे किसी नॉर्मल इंसान से भी कई ज्यादा बुलंद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि नूपुर शिक्षक हैं और वो छोटे बच्चों को पढ़ाती हैं। उन्होंने शो में अमिताभ बच्चन को अपनी कहानी बताते हुए कहा कि जब वो पैदा हुईं तो उन्हें सर्जिकल औजार लग गए थे ऑपरेशन के वक्त और वो रोईं नहीं, डॉक्टरों ने कहा ये मृत है और उन्हें डस्टबिन में फेंक दिया। इसके बाद नूपुर की आंटी ने कहा कम से कम हमें वो बच्ची को साफ करके दे तो दो। जब डस्टबिन से बच्ची को निकाला गया तो उन्होंने कहा कि बच्ची को थोड़ा थपथपाओ शायद इसकी सांसे चल जाए और वही हुआ नूपुर रोने लगी लेकिन वो रोईं तो 12 घंटे तक रोती ही रहीं।
नहीं किया है आज तक व्हील चेयर का उपयोग
सोशल मीडिया पर लोग नूपुर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। साथ ही लोग कह रहे हैं कि नूपुर उनके लिए प्रेरणादायक है। जिस लड़की को कई साल पहले डॉक्टरों ने मरा हुआ बता दिया था। आज वो अपने ज्ञान के दम पर कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख के सवाल तक पहुंच गई हैं। नूपुर को चलने-फिरने और उठने-बैठने में काफी दिक्कत होती है। बावजूद इसके उन्होंने आज तक व्हील चेयर का इस्तेमाल नहीं किया है। उनकी ये बात लोगों को प्रेरणा देती है कि अपनी मुश्किलों से कभी न डरें, बल्कि उनका सामना करते हुए आगे बढ़ते रहे। वो कहती हैं कि वो नहीं चाहती हैं कि लोग उन्हें सहानुभूति की नजर से देखें।
Published on:
23 Aug 2019 02:12 pm
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