अल्ट्रावायलट किरणें बनेंगी कोविड-19 के लिए हथियार, वैज्ञानिकों ने बनाया UV-C सैनिटाइजर

  • UV-C Sanitizer : मुंबई की एक कंपनी ने किफायती दाम में अल्ट्रावायलट किरणों से सैनिटाइजर बनाया है
  • इसे बनाने के लिए सार्स और वायरस की प्रक्रिया पर की गई थी रिसर्च

By: Soma Roy

Updated: 16 May 2020, 11:12 AM IST

नई दिल्ली। सूरज से निकलने वाली (UV Rays) तेज पराबैंगनी किरणें भले ही त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन कोरोना वायरस के खात्मे के लिए ये कारगर साबित हो सकती है। तभी इसी फॉर्मुले के आधार पर मुंबई की नेवान सॉल्यूशंस ने अल्ट्रावायलट रे कॉन्टैक्टलेस सैनिटाइजर (UV-C Sanitizer) तैयार किया है।

कंपनी ने इसकी दो वैरायटी बनाई है। इसकी कीमत मार्केट में मौजूद यूवी-सी सैनिटाइजर से लगभग आधी है। नेवोन सॉल्यूशंस के फाउंडर नीरज सावंत के मुताबिक यह चीन के यूवी-सी सैनिटाइजर के मॉडल पर आधारित है। सैनिटाइजर के पोर्टेबल फॉर्मेट के तहत इसे सार्वजनिक जगहों में इस्तेमाल के लायक बनाया गया है। जबकि इसके दूसरे फॉर्मेट अस्प्तालों के लिए है। कंपनी का दावा है कि इस खास यूवीसी सैनिटाइजर से एन-95 मास्क भी सैनिटाइज किए जा सकते हैं। जिसके चलते मास्क को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा।

कंपनी के फाउंडर ने बताया कि यूवी-सी सैनिटाइजर पर मार्च में काम शुरू किया था। इस सैनिटाइजर को बनाने के लिए कंपनी ने डब्ल्यूएचओ और सीडीसी की वेबसाइट से सार्स कोरोनो वायरस का डेटा डाउनलोड किया। इसके बाद इस पर रिसर्च की। इसमें पाया गया कि कोविड-19 को मारने के लिए अल्ट्रावायलट किरणें असरदार हैं। इसलिए खास तकनीक से सैनिटाइजर को बनाया गया है। इस समय कुछ अस्पतालों में ट्रायल के तौर पर इनका इस्तेमाल किया जा रहा है।

coronavirus COVID-19 virus
Show More
Soma Roy
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned