आकर्षण का केंद्र बना बूंद-बूंद सिंचाई इजराइल मॉडल

आकर्षण का केंद्र बना बूंद-बूंद सिंचाई इजरायल मॉडल
-कृषि मेले में उमड़े किसान
धारवाड़

आकर्षण का केंद्र बना बूंद-बूंद सिंचाई इजरायल मॉडल
धारवाड़
कृषि में बूंद-बूंद सिंचाई योजना किसानों के लिए विशेष उपयोगी है। बूंद-बूंद सिंचाई योजना के जरिए पानी का सही तौर पर इस्तेमाल कर निर्धारित समय में इसे धन में परिवर्तित करनेवाली यह कृषि पध्दति विश्व के लिए आदर्श बनी हुई है। यह मॉडल इजराइल ने दुनिया के समक्ष पेश किया है।
इजराइल कृषि मॉडल सदा सूखे का शिकार होने वाले उत्तर कर्नाटक के किसानों को भी अनिवार्य होने की स्थिति निर्माण हुई है। इसके लिए पूरक तौर पर धारवाड़ कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे कृषि मेले में इजराइल कृषि मॉडल के मॉडल का निर्माण किया है जो अधिकतर किसानों को आकर्षित कर रहा है। कृषि मेले में इजराइल कृषि मॉडल के बारे में जानकारी दी गई है। ढाई लाख तथा 25 हजार रुपए की दो मशीनों की तकनीक के बारे में मेले में जानकारी उपलब्ध है। इसके जरिए 40 से 60 प्रतिशत पानी की बचत होगी। इस तकनीक के उपकरणों की जानकारी के साथ सुपारी, अमरूद, पपीता, अनार समेत सभी फसलों के लिए इस तकनीक को अपना सकते हैं। इसमें भी गन्ने की फसल में 50 प्रतिशत से अधिक पानी की बचत होगी।

नब्बे फीसदी सब्सिडी की सुविधा

बंूद-बूंद सिंचाई तथा स्प्रे ड्रिप सिंचाई पध्दति में उगाई जाने वाली कृषि फसलों, बागबानी फसलों के मॉडल यहां हैं। घर में बैठकर ही मोबाइल फोन से संदेश भेजकर फसलों को पानी उपलब्ध कर सकते हैं। किस फसल के लिए कितना पानी चाहिए इसकी जानकारी उपकरण में लगाने पर पर्याप्त है। इसके हिसाब से निर्धारित समय पर पानी आपूर्ति करेगा। फसलों को पानी कम कर सकते हैं परन्तु व्यर्थ होने वाले पानी को बचा सकते हैं। इसके लिए सरकार से 90 प्रतिशत सब्सिडी है।
-प्रो. शशिधर, फसल विज्ञान के विशेषज्ञ, कृषि विश्वविद्यालय धारवाड़

Zakir Pattankudi Incharge
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