कोरोना के खिलाफ छेड़ें असहयोग आंदोलन

शिक्षा मंत्री ने किया आह्वान, एसएमएस सूत्र को अपनाना चाहिए - एस यानी सैनिटाइज, एम का मतलब मास्क तथा एस का अर्थ सोशल डिस्टेंस को अपनाना है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 18 Apr 2021, 09:32 PM IST

चिक्कमगलूरु . शिक्षा मंत्री एस. सुरेश कुमार ने कहा है कि हममें से प्राय: सभी ने भले ही आजादी से पूर्व के असहयोग आंदोलन में भाग नहीं लिया हो लेकिन अब हम सभी को कोरोना के खिलाफ असहयोग आंदोलन छेड़ कर कोराना को भगाना ही होगा। चिक्कमगलूरु के जिला पंचायत नजीर साब सभाभवन में एसएसएलसी तथा पीयूसी छात्रों के लिए प्रश्नावली जारी करने के बाद शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने बेंगलूरु में स्थित कोरोना की काली सच्चाई को बताते हुए कहा कि पति की लाश एक कमरे में, पत्नी हॉल में है। मैसूरु से आए रिश्तेदार कार में सोए हैं। मृतक के अंतिम संस्कार करने के लिए कोई नहीं था। आखिर में हमारे लड़कों ने ही सभी कार्यों को अंजाम दिया। कोरोना एक अहंकारी संक्रमण है। इसके चलते वह हमारे पास आता नहीं है। हमारे आह्वानित करने पर ही वह हमारे पास आता है। लोगों के उचित कार्रवाई करने पर लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। लोगों को एसएमएस सूत्र को अपनाना चाहिए। एस यानी सैनिटाइज, एम का मतलब मास्क तथा एस का अर्थ सोशल डिस्टेंस को अपनाना है।

पहली से नौवीं कक्षा तक परीक्षा को लेकर की जा रही चर्चा

इसी दौरान पहली से नौवीं कक्षा तक की परीक्षा के बारे में शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि पहली से नौवीं कक्षा तक परीक्षा चलाएं या नहीं या फिर बिना परीक्षा का पास करने चाहिए इस बारे में चर्चा की जा रही है। इस बारे में संबंधितों को बुलवाकर चर्चा की है। सभी की राय लेकर एक स्तर को आए हैं। दो-तीन दिनों में शिक्षा विभाग फैसला घोषित करेगा। एसएसएलसी तथा पीयूसी परीक्षा समय सारिणी के तहत चलाई जाएगी। सतर्कता कार्रवाईयों को अपना कर परीक्षा चलाने का विभाग ने फैसला लिया है। पिछले बार भी कोरोना के बीच ही परीक्षा चलाकर सफल हुए हैं। इस बार भी परीक्षा तय तारीख को ही चलाने का फैसला लिया है।

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