जेल में बेचैनी में गुजरा डीपीएस प्राचार्य सोनार का दूसरा दिन भी

Arjun Richhariya

Publish: Feb, 15 2018 09:34:28 (IST) | Updated: Feb, 15 2018 06:41:43 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
जेल में बेचैनी में गुजरा डीपीएस प्राचार्य सोनार का दूसरा दिन भी

मान्यता निरस्ती पर पालक एकजुट

डीपीएस हादसा...
पालक संघ ने कहा, डीपीएस प्राचार्य की गिरफ्तारी पर सहोदय और अन्य संगठनों के निर्णय मनमानी

इंदौर. डीपीएस बस हादसे में प्राचार्य पर कार्रवाई के बाद अब परिजन स्कूल की मान्यता निरस्ती के लिए एकजुट हो गए हैं। मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन की गलतियों को चिह्नित कर घटना की जानकारी सीबीएसई बोर्ड को भेजी जा रही है। अब तक छह शिकायतें की जा चुकी हैं।

उधर, प्राचार्य के समर्थन में उतरे सीबीएसई स्कूल के संगठनों के खिलाफ मप्र पालक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। उसका कहना है, स्कूल एक अपराध करने वाले प्रबंधन का साथ दे रहे हैं, इनके खिलाफ डीआईजी के समक्ष प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। बस हादसे में अपने बच्चे खोने वाले पालक और परिजन ने डीपीएस की मान्यता निरस्त करवाने के सहयोग के लिए अन्य पालकों से अपील है। उनका कहना है, सीबीएसई की गाइड लाइन के उल्लंघन की शिकायत करें।

मजिस्ट्रियल जांच में स्कूल प्रबंधन को सीबीएसई के फरवरी 2018 को जारी परिपत्र का पालन नहीं करने का भी दोषी पाया है।

 

बसें बंद करना, पालकों को धमकाने जैसा
पालक संघ का कहना है, स्कूल संचालकों का यह कहना कि सहोदय, एसोसिएशन ऑफ अनएडेड स्कूल व अन्य संगठन बसें बंद करके प्रशासन, पुलिस व न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। प्रत्यक्ष धमकी देना न्यायालय की अवमानना है।

आज डीआईजी मिश्रा से करेंगे मुलाकात
पालक संघ अध्यक्ष सुनील खंडेलवाल ने कहा, 15 फरवरी को 11.30 बजे रीगल चौराहे पर सभी स्कूलों के बच्चों के पालक रीगल पर एकत्रित हो कर धमकाने के खिलाफ डीआईजी को अपराध दर्ज करने के लिए आवेदन देंगे।

सोनार का दूसरा दिन भी जेल में बेचैनी में गुजरा
डीपीएस प्रिंसिपल सुदर्शन सोनार का जेल में दूसरा दिन भी बेचैनी में गुजरा। महाशिवरात्रि की छुट्टी के चलते जेल पर न तो किसी से मुलाकात हुई न उनका मेडिकल टेस्ट हो सका। टेस्ट के बाद उनका बैरक भी बदल सकता है।

सोनार दूसरे दिन मंगलवार को गुमसुम बैठे रहे। पत्नी से मुलाकात हुई तो थोड़ा सामान्य रहे। बुधवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी के चलते कोई उनसे नहीं मिल सका। बताते हैं, बुधवार को सोनार का मेडिकल टेस्ट भी होने वाला था। इसके जरिए उनकी बीमारी पता की जाना है। जेल में आने के बाद से वे डिप्रेशन में हैं। इसके चलते बैरक बदलकर उन्हें निगरानी में रखा जाना है।

मेडिकल टीम के सीओ भी उन पर निगरानी रखेंगे। बताते हैं, मंगलवार रात उन्हें दाल-रोटी, जबकि बुधवार सुबह दलिया दिया गया। मंगलवार को मिलने पत्नी व भाई ने कुछ कपड़े उन्हें दिए। फिलहाल कोर्ट ने आगामी तारीख पर सुनवाई तक सोनार को जेल में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्हें बैरक नंबर एक में रखा गया है।

गिरफ्तारी के खिलाफ छह शहरों के स्कूल संचालक करेंगे बसें बंद
भोपाल, निमाड़ सहित अन्य सहोदय ग्रुप ने किया समर्थन , डीपीएस बस हादसे में तत्कालीन प्राचार्य सुदर्शन सोनार पर पुलिस की कार्रवाई को गलत बता रहे इंदौर के स्कूलों के समर्थन में अन्य शहरों के स्कूल भी आ गए हैं। इन शहरों के सहोदय गु्रप ने कहा है कि अगर इंदौर के स्कूल संचालक बसों को बंद करते हैं तो वे भी बसें बंद कर देंगे।

भोपाल, निमाड़ सहित अन्य सहोदय ग्रुप ने किया समर्थन
गुरुवार को इंदौर सहोदय गु्रप व अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी प्राचार्यों की सहमति से इस संबंध में फैसला ले सकते हैं। सहोदय गु्रप के सचिव मोहित यादव ने कहा, पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से प्राचार्यों के साथ शिक्षकों में भी आक्रोश है। कई प्राचार्य अब इस्तीफा देने की बात कह रहे हैं। सभी को डर है कि किसी भी अनहोनी पर उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

धाराएं नहीं हटाने पर इंदौर सहोदय ग्रुप के साथ एमपी बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड के निजी स्कूल बसें बंद करने को राजी हैं। हमें भोपाल सहोदय, ग्वालियर सहोदय, सागर सहोदय, जबलपुर सहोदय, उज्जैन सहोदय और निमाड़ सहोदय ने भी समर्थन देने की बात कही है। अगले कदम के लिए हम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

आरटीओ को बचाया
स्कूल संचालकों का आरोप है, हादसे के लिए प्राचार्य से ज्यादा जिम्मेदार आरटीओ है। बस का फिटनेस आरटीओ ने ही जारी किया था। प्राचार्य सोनार को बचाने के लिए तत्कालीन आरटीओ एमपी सिंह को कार्रवाई का दिखावा करते हुए हटा दिया। प्राचार्य की बजाय सिंह की गिरफ्तारी होना थी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।

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