scriptbecame a pediatrician without a degree in gwalior | सावधान! 12वीं पास कर रहे इलाज, बिना डिग्री के बन गए शिशु रोग विशेषज्ञ | Patrika News

सावधान! 12वीं पास कर रहे इलाज, बिना डिग्री के बन गए शिशु रोग विशेषज्ञ

ऐसे हाल छोटे-मोटे अस्पतालो के नहीं बल्कि नामी गिरामी अस्पतालों के हैं

इंदौर

Updated: August 10, 2022 07:29:15 pm

इंदौर। 12वीं पास आईसीयू में इलाज कर रहे हैं, बिना डिग्री वाले शिशु रोग विशेषज्ञ बन गए है. ऐसे हाल छोटे-मोटे अस्पतालो के नहीं बल्कि नामी गिरामी अस्पतालों के हैं. ऐसे ही मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ग्वालियर के दो अस्पतालों पर पांच-पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अस्पतालों को यह रकम एक महीने में चुकानी होगी अन्यथा छह प्रतिशत की दर से ब्याज भी लगेगा। आयोग ने अस्पतालों से परिवादी को 40 हजार रुपये परिवाद व्यय के रूप में अलग से अदा करने को भी कहा है। मामला ग्वालियर के दो अस्पतालों, मेहरा बाल चिकित्सालय और मेस्काट अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर का है।
girl.png
दो अस्पतालों पर पांच-पांच लाख रुपये का अर्थदंड
परिवादी मनोज उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने अपनी पौने तीन वर्षीय बेटी गार्गी को 24 जनवरी 2013 को मेहरा बाल चिकित्सालय में भर्ती किया था। उसे तेज बुखार था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। अस्पताल में खुद को शिशु रोग विशेषज्ञ बताने वाले डा. अंशुल मेहरा बच्ची का इलाज कर रहे थे। बच्ची की हालत बिगड़ने लगी तो उसे यहां से मेस्काट अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां बच्ची को आइसीयू में भर्ती किया गया।
मेस्काट अस्पताल की आइसीयू में शैलेंद्र साहू और अवधेश दिवाकर नामक दो युवक डाक्टर बनकर भर्ती बच्चों का इलाज कर रहे थे. बाद में मालूम चला कि ये दोनों सिर्फ 12वीं पास थे। 26 जनवरी 2013 को बच्ची गार्गी की मौत हो गई। बेटी की मौत से आहत पिता ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग ग्वालियर में परिवाद प्रस्तुत किया था। राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद यह प्रकरण इंदौर आयोग को भेज दिया गया।
इंदौर जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवाद का निराकरण करते दोनों अस्पतालों पर पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया। आयोग ने फैसले में कहा कि पोस्टमार्टम नहीं होने से यह तो स्पष्ट नहीं है कि बच्ची के इलाज में किस तरह की लापरवाही बरती गई लेकिन यह साबित हुआ है कि इलाज में गफलत की गई. मेस्काट अस्पताल के आइसीयू में 12वीं पास युवक डाक्टर बनकर बच्ची का इलाज कर रहे थे। मेहरा अस्पताल में भी डा अंशुल मेहरा ने विशेषज्ञ नहीं होने के बावजूद खुद को शिशु रोग विशेषज्ञ बताकर बच्ची गार्गी का इलाज किया था। दोनोंं अस्पतालों ने सेवा में गंभीर लापरवाही की है।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

IND vs SA: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान, सभी सीनियर खिलाड़ियों को मिला आरामअरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा- 'गुजरात में बनेगी आप की सरकार', IB रिपोर्ट का दिया हवालासच बोलने की सजा भुगतनी पड़ी... बिहार के कृषि मंत्री के इस्तीफे पर BJP ने नीतीश पर किया हमलाअमित शाह के जम्मू दौरे से पहले पुलवामा में आतंकी हमला, पुलिस का एक जवान शहीद, CRPF जवान जख्मीIAF की ताकत में होगा इजाफा, कल सेना में शामिल होगा स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर, जानें इसकी खासियतIND vs SA 2nd T20: 2 गेंदबाज जो साउथ अफ्रीका को हराने में टीम इंडिया की मदद करेंगेबिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने दिया इस्तीफा, डिप्टी सीएम को सौंपा पत्रहिमाचल पहुंचे जेपी नड्डा, BJP जिला कार्यालय का लोकार्पण करने के बाद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.