बस लेन में गुजरने वाले निजी वाहनों के कभी नहीं बने चालान

11 किलोमीटर लंबी सडक़ पर निगरानी के लिए लगे हैं 80 सीसीटीवी कैमरे

By: रमेश वैद्य

Published: 29 Oct 2020, 02:33 AM IST

इंदौर. बीआरटीएस की बस लेन में बस के अलावा कोई निजी वाहन प्रवेश न कर सके इसके लिए वार्डन तैनात है, साथ ही निगरानी के लिए 80 कैमरे लगाए है। कई बार निजी वाहन बस लेन में प्रवेश कर जाते है, लेकिन आज तक किसी का भी चालान नहीं बना है।
बीआरटीएस की बस लेन पर निजी वाहन प्रतिबंधित है, सिर्फ बसों का संचालन होता है। हालांकि इमरजेंसी वाहन एम्बुलेंस, फायर व पुलिस वाहन को नहीं रोका जाता है। कई बार निजी वाहन भी घुस जाते है। अनाधिकृत वाहन प्रवेश न करें इसकी निगरानी के लिए करीब 11 किलोमीटर के बीआरटीएस पर 80 कैमरे लगे है, स्मार्ट सिटी के आधुनिक कंट्रोल रूम के जरिए इसकी निगरानी होती है। कैमरे तो लगे है लेकिन किसी भी अनाधिकृत प्रवेश पर अभी तक एआइसीटीएसएल की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है। फुटैज में वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस की मदद से ई-चालान बनाने का प्रावधान है, लेकिन दोनों ही विभाग ने इसमें किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। इसी तरह महिला अफसर की गाड़ी बस लेन में चल रही थी तब भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कलेक्टर ने रोकी थी महिला अधिकारी की कार
कलेक्टर मनीषसिंह ने कुछ दिनों पहले बस लेन में एक मप्र शासन लिखी कार को रोका था। कार एनवीडीए में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर की अधिकारी कल्पना आनंद की थी। वे कार में सवार थे। कलेक्टर ने रोका और प्रतिबंधित लेन में वाहन चलाने पर ड्राइवर को फटकार भी लगाई। महिला अफसर के माफीनामे के बाद जाने दिया था। इसी प्रकार, डीएसपी बसंत कौल की टीम पहले व्हाइट चर्च चौराहे पर तैनात थी। उस दौरान भी महिला अफसर की यहीं गाड़ी बस लेन से निकली थी। अफसर रोकने का प्रयास करते इसके पहले ही गाड़ी दूर जा चुकी थी। हालांकि उस दौरान भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।
अब सख्त निगरानी: सोनी
एआइसीटीएसएल के सीईओ संदीप सोनी ने माना कि किसी का चालान नहीं बनाया है। हालांकि उनका तर्क है कि निजी वाहन बस लेन में नहीं जाते हंै। अब निगरानी और सख्त कर दी है, कोई भी वाहन बस लेन में घुसा तो उस पर पुलिस की मदद से कार्रवाई करेंगे।

रमेश वैद्य Desk
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