राजपूत समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का विरोध, आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर हंगामा, नारेबाजी

उपचुनाव से पहले राजपूत समाज के कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह चौहान, आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी...।

By: Manish Gite

Published: 27 Oct 2020, 04:51 PM IST

इंदौर। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मंगलवार को राजपूत समाज के विरोध का भी सामना करना पड़ा। वे शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। मुख्यमंत्री के संबोधन के अंत में अपने आपको कांग्रेस समर्थक बताते हुए कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। यह लोग जातिगत आरक्षण को खत्म करने की मांग कर रहे थे।

 


यह हंगामा नक्षत्र गार्डन में मंगलवार को उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजपूताना संघ के कार्यक्र को संबोधन दे रहे थे। जब उनका संबोधन खत्म हुआ तो कार्यक्रम में मौजूद कुछ महिला एवं पुरुष खड़े हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। विरोध करने वाले कुछ लोगों का कहना था कि राजपूत समाज से वोट लेने आते हैं, शिवराज ने 2018 में कहा था कि ठाकुर राजपूतों के वोट नहीं चाहिए और अब फिर वोट मांगने आ गए। यह लोग जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे थे।

 

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युवक को किया बाथरूम में बंद

कार्यक्रम के दौरान मनोहर रघुवंशी नामक एक व्यक्ति मुख्यमंत्री से बात करने के लिए मंच की और जैसे ही बढ़ा, सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया। युवक का कहना था कि उपचुनाव में मुख्यमंत्री को हमारे वोट की चिंता सताती है, मैंने अपनी बात रखनी चाही तो उन लोगों ने मुझे बाहर निकालकर मुझे बाथरूम में बंद कर दिया।

 

सीएम बोले- आपके बुलावे पर आया हूं

इधर, कार्यक्रम में लगातार विरोध को देखते हुए शिवराज ने सभा को संबोधित किया और यहां से रवाना हो गए। हालांकि उन्होंने मंच से कहा कि उनका आज यहां आने का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन आपके बुलावे पर आया हूं, उन्हें और भी कई जगह पर जाना है।

कब शुरू हुआ हंगामा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को इंदौर के नक्षत्र गार्डन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में गए थे। जब वे राजपूत समाज को संबोधित कर रहे थे, तभी अंत में समाज की कुछ महिला एवं पुरुष खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। इस दौरान महिलाओं ने जातिगत आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। समाज की महिलाओं ने कहा कि हमारे बच्चों को नौकरियां नहीं मिल रही है। सभी को इस देश में बराबर का अधिकार देना चाहिए। इसलिए जातिगत आरक्षण को खत्म किया जाना चाहिए। जब नारेबाजी चल रही थी, उस समय मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल से रवाना होने वाले थे। हालांकि मुख्यमंत्री चुनाव कार्यक्रम में व्यस्तता का हवाला देकर रवाना हो गए।

 

 

वापस होंगे मुकदमे

मुख्यमंत्री ने संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म पद्मावत (2018) को समाज के सम्मान पर आघात बताया और कहा कि इस फिल्म को मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया था। चौहान न कहा कि फिल्म पद्मावती के विरोध करने वाले युवाओं ने अन्याय को लेकर आवाज उठाई थी। ऐसी स्थिति में युवाओं को दबाना सही नहीं है। चौहान ने कहा कि पद्मावती फिल्म के दौरान प्रदर्शन के करणी सेना के युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापिस लिए जाएंगे।

 

भोपाल में बनेगा स्मारक

चौहान ने कहा कि रानी पद्मावती की स्मृति में भोपाल के मनुआभान टेकरी पर आरक्षित जमीन पर भव्य स्मारक बनाया जाएगा। राजपूत समाज का एक प्रतिनिधि मंडल बनाकर उसे बेरहतर स्वरूप दिया जाएगा।

 

पद्मावती और महाराणा प्रताप कोर्स में

सीएम चौहान ने कहा कि रानी पद्मावती की जीवनी को प्रदेश सरकार स्कूल के पाठ्यक्रम में भी शामिल करेगी। इसके
रानी पद्मावती की वास्तविक शौर्य गाथा को सिलेबस में शामिल किया जाएगा।

 

हर साल पुरस्कार दिए जाएंगे

महाराणा प्रताप के नाम पर शौर्य पुरस्कार और महारानी पद्मावती के नाम पर पद्मिनी पुरस्कार भी हर साल राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। शौर्य के क्षेत्र में काम करेंगे, उन्हें हर साल महाराणा प्रताप और पद्मिनी पुरस्कार दिया जाएगा, जिसमें रुपया राशि लगभग 2 लाख के करीब होगा।

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