प्रायवेट परीक्षा का फॉर्म भरवाकर महाराष्ट्र बोर्ड से प्रथम श्रेणी पास की अंकसूची देता था आरोपी

कम्प्यूटर मिली कई फर्जी अंकसूचियां

इंदौर. कोचिंग व कम्प्यूटर इंस्टिट्यूट की आड़ में फर्जी अंकसूची, प्रमाण पत्र बनाने वाले आरोपी के कम्प्यूटर में कई अंकसूचियां मिली है। आरोपी से कई युवक प्रायवेट परीक्षा का फॉर्म भराने के लिए संपर्क करते, आरोपी फीस लेता और फिर प्रथम श्रेणी में पास की अंकसूची बनाकर दे देता था।
क्राइम ब्रांच व तिलकनगर पुलिस की टीम ने फर्जी अंकसूची बनाने के मामले में सतीश गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। आरोपी का तिलकनगर में इंस्टिट्यूट संचालित करता था। वहां के कम्प्यूटर आदि सामान को जब्त किया है। एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक, आरोपी के ऑफिस व कम्प्यूटर के डेटा की छानबीन की गई। कई फर्जी अंकसूची बरामद हुई है। अधिकांश अंंकसूची महाराष्ट्र बोर्ड से कक्षा 10वीं की है। स्कूल के नाम पर एबीसीडी एजुकेशन मुंबई लिखा है। प्रायवेट परीक्षा की अंकसूची में सभी को प्रथम श्रेणी के अच्छे अंक दिए गए है। छानबीन में पता चला कि जो लोग प्रायवेट परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए संपर्क करते आरोपी उनसे शुल्क लेता और बिना किसी परीक्षा के अंकसूची दे देता था। उसने कम्प्यूटर के जरिए ही अंंकसूची बनाई थी।
पाराशर के मुताबिक, किसी भी आरोपी महाराष्ट्र बोर्ड ऑफ हायर सेकेण्डरी एजुकेशन के साथ ही राजस्थान बोर्ड, विलियम केरी युनिवर्सिटी, मेवाड युनिवर्सिटी, सनराईस युनिवर्सिटि, संघाई युनिवर्सिटी, डीआरसीबी रमन युनिवर्सिटी, ओपीजीएस युनिवर्सिटी, एसआरके युनिवर्सिटी, आईसेक्ट युनिवसिटी, आरकेडीएफ युनिवर्सिटी की अंकसूची देता था। किसी भी यूनिवर्सिटी से उसकी संबद्धता नहीं पाई गई है। उसके बैंक अकाउंट की भी जानकारी निकाली जा रही है। टीआइ मंजू यादव के मुताबिक, आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

प्रमोद मिश्रा Reporting
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