पाले से फसल खराब होने से परेशान किसान ने की खुदकुशी

पाले से फसल खराब होने से परेशान किसान ने की खुदकुशी
suicide

Krishnapal Singh Chauhan | Publish: Feb, 02 2019 04:02:03 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

बेटमा थाना क्षेत्र का मामला, परिजन बोले पिछले वर्ष फसल खराब होने पर लिया ५ लाख कर्ज, अब पाले से १० बीघा में लगे चने की फसल हुई खराब

पिछले दिन लगातार पाल पडऩे से फसल में हो रहे नुकसान से परेशान किसान द्वारा जहर खाकर खुदकुशी करने का मामला सामना आया है। खेत में जहर खाने के बाद वह घर पहुंचा। परिवार के महिला ने तबियत बिगडऩे पर परिजन को एकत्रित किया। सभी किसान को गंभीर हालत में उपचार के लिए हॉस्पिटल लेकर पहुंचे,लेकिन बचा नहीं सके। पीएम कराने पहुंचे परिजन ने बताया कि फसल खराब होने व कर्ज से परेशान होने के चलते मृतक ने यह कदम उठाया है।

राजेंद्र नगर पुलिस के मुताबिक भारत ३२ पिता शिवनारायण मकवाना निवासी ग्राम अजंदा, बेटमा ने जहर खाकर खुदकुशी की है। गुरूवार दोपहर करीब ३.३० पर परिजन उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए बेटमा से चोइथराम हॉस्पिटल लाए थे। जीरो पर मर्ग कायम कर शव का जिला हॉस्पिटल में पीएम कराया है। मर्ग जांच के लिए बेटमा थाने भेजा जाएगा। मृतक के भाई मोहन मकवाना ने बताया कि पंद्रह दिन के भीतर रूक-रूक कर पाला पड़ा। जिससे कई किसानों की फसल नष्ट हो चुकी है। भारत ने इस बार अपने १० बीघा खेत में चने व कुछ हिस्से में गेहूं की फसल बोई। पाल पडऩे से फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। पिछले कुछ दिनों से वह इस बात को लेकर परेशान रहने लगा। गुरूवार दोपहर खेत में उसने इस वजह से परेशान होकर जहर खा लिया। तबियत बिगडऩे पर वह चचेरे भाई के घर पहुंचे। यहां उन्होंने भाभी विद्या को जहर खाने की बात कही। यह सुन उन्होंने तत्काल अपने पति अनिल को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद परिवार उन्हें हॉस्पिटल उपचार कराने पहुंचा। करीब दो घंटे चले उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में पत्नी सविता, बेटी अनुष्का ९ व अनुराज ५ है। परिवार के सभी सदस्य खेती करते है।

लगातार फसल में हुआ नुकसान

परिजन ने बताया की पिछले वर्ष मृतक ने अपने खेत में सोयाबीन लगाया। कम वर्षा होने की वजह से फसल में किड़े लग गए। परिवार चलाने व फिर फसल के लिए उन्होंने बैंक व किसी व्यक्ति से ब्याज पर लाखों रुपए लिए। इस बार चने की खेती करने के बाद कर्ज चुकाने की तैयारी थी। पंद्रह दिन में तीन बार अधिक पाला पड़ा। पहली बार पाला पडऩे से २५ प्रतिशत फसल नष्ट हुई। दूसरी बार पड़ा तो फिर फसल में नुकसान हो गया। पिछले दिन लगातार तीन दिन पाला पडऩे से बची फसल भी खराब हो गई। परिवार की माने तो वर्तमान में मृतक पर पांच लाख का कर्ज था। कर्ज चुकाने की बात से वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में रहने लगे। इसी वजह से परेशान होकर मृतक ने यह कदम उठाया है।

 

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