पत्नी के हाथ से 11 महीने की बेटी को लेकर गया, वापस लौटकर बोला- उसे मारकर दफना आया हूं...

  • कोर्ट ने पिता को सुनाई आजीवन करावास की सजा

डॉ. आंबेडकरनगर (महू). अपनी 11 माह की बेटी का गला घोंटकर हत्या कर जंगल में दफनाने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन करावास की सजा सुनाई है। 27 मई 2016 की रात करीब 12 बजे आरोपी प्रवीण शर्मा पिता कैलाश निवासी बलवाड़ा खरगोन अपनी पत्नी रोशनी व 11 माह की बेटी महक के साथ एक्टिवा से बलवाड़ा से इंदौर आ रहा था। रास्ते में चोरल बाइग्राम घाट पर वाहन में पेट्रोल खत्म होने पर वह पैदल घाट चढ़ रहे थे, तभी प्रवीण ने पत्नी को रोड किनारे बैठाकर बोला, बच्ची को पानी पिलाकर व गाड़ी में पेट्रोल डलवाकर लाता हूं। वे बच्ची को साथ लेकर गया और बाईघाट में पी.पटेल कृषि फॉर्म के सामने जंगल में बच्ची का गला घोंटकर हत्या कर दी। शव वहीं दफना दिया।

पत्नी के हाथ से 11 महीने की बेटी को लेकर गया, वापस लौटकर बोला- उसे मारकर दफना आया हूं...

मुंह खोला तो तुझे भी दफना दूंगा

करीब डेढ़ घंटे बाद वापस लौटा तो बेटी नहीं दिखी तो उसने प्रवीण से पूछा। आरोपी ने बताया, उसे मारकर दफना दिया है। साथ ही उसने पत्नी को धमकाया कि अगर किसी को बताया तो तुमको भी मारकर दफना दूंगा। रोशनी ने यह घटना अपने पिता को बताई, तब परिजन ने थाना सिमरोल में 4 जून 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर बच्ची की हड्डियां व कपड़े जब्त किए।

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यह काल बनकर आई है, इसे मार दूंगा

पत्नी रोशनी से अपने बयान में बताया था, बेटी के जन्म के बाद से प्रवीण कहता था कि यह काल बनकर आई है, इसे मार दूंगा। प्रकरण में द्वितीय अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश अशोक गुप्ता द्वारा आरोपी प्रवीण को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। शासन की ओर पैरवी लोक अभियोजक आनंद नेमा व दिनेश पंचोली ने की।

हुसैन अली
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