लाखों की ठगी, फिर भी एफआइआर नहीं कर रही पुलिस

लाखों की ठगी, फिर भी एफआइआर नहीं कर रही पुलिस

Lakhan Sharma | Publish: Sep, 11 2018 11:05:26 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

- विदेश में नौकरी के नाम पर हुई थी ठगी
- विजय नगर थाने का मामला

इंदौर।
विदेश में नौकरी का झांसा देकर फरार हुए आरोपितों के खिलाफ पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है। पीडि़त अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। विजय नगर थाने का यह दूसरा मामला सामने आया है, जब पुलिस फरियादियों से ज्यादा आरोपियों का बचाव करती नजर आ रही है।
बीते एक साल में सुखलिया क्षेत्र में विदेश में नौकरी के नाम पर तीन युवकों ने अपना मकडज़ाल फैलाया। विजय नगर, पलासिया सहित शहर के अलग-अलग हिस्सों से उन छात्रों को प्लेसमेंट कंपनियों के माध्यम से खोजा, जो विदेश में पढऩा चाहते हैं या नौकरी करना चाहते हैं। इन्हें ३ से ६ लाख के ऑफर दिए गए। कई युवक-युवतियों ने एक-दो लाख रुपए तक इन्हें दिए। इस तरह करीब २५-३० लाख रुपए लोगों से इकट्ठा किए और दो दिन पहले फरार हो गए। फरियादियों ने पुलिस को बताया कि ये शातिर ठग कनाडा और दुबई भेजने के नाम पर ठगी कर गए हैं। इनके खिलाफ केरल और वड़ोदरा में भी एफआइआर दर्ज है। केरल से करीब ५० लाख और वड़ोदरा से लगभग ६० से ७० लाख रुपए लेकर फरार हो गए।

गुजरात के हैं तीनों युवक
ठगाए लोगों ने पुलिस को तीनों युवकों के नाम गुजरात निवासी निमेश पटेल, दिल्ली निवासी जयेश पटेल और वीरेंद्र अग्रवाल बताए हैं। वीरेंद्र का असली नाम भौमिक पटेल सामने आया है, जो गुजरात के नाडियाल का रहने वाला है। तीनों युवक अलग-अलग शहरों में किराए से मकान लेकर रहते थे, फिर वहां के युवकों को चपत लगा कर फरार हो जाते थे। इन तीनों के खिलाफ केरल और गुजरात में भी ठगी के प्रकरण दर्ज हैं। इस बार इन्होंने इंदौर को निशाना बनाया।

अस्पताल का बिल भी नहीं चुकाया
यहां ये तीनों युवक एक मकान किराए पर लेकर रह रहे थे और नौकरी के लिए परेशान हो रहे युवकों को अपना शिकार बना रहे थे। बीते कुछ दिनों से तीनों में से एक युवक बीमार होकर एक निजी अस्पताल में अपना उपचार करवा रहा था। ठगी के शिकार युवक जब अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि अस्पताल का बिल चुकाए बिना आरोपी अस्पताल से फरार हो गया। मामले में पीडि़त गुजरात के आरोपितों के ठिकानों तक पहुंच गए थे।

- आज डीआइजी से मिलेंगे फरियादी
इधर फरियादी श्वेता जैन ने पहले थाने और फिर डीआइजी को इस मामले में आवेदन दिया था जिसके साथ कई छात्र छात्राएं शामिल है। इनके पति अंकुश जैन का कहना है की थाने पर पुलिस हमारे साथ ही गलत व्यवहार कर रही है। इसके चलते आज हम डीआइजी से मिलकर पुरी घटना का जिक्र करेंगे। हमने इस घटना से जुड़ी हर जानकारी पुलिस को दी और पुरा सहयोग कर रहे हैं इसके बाद भी पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है।

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