सोशल मीडिया पर पोस्ट देख विदेश से जुटाई मदद

जरूरतमंदों के सहयोग के लिए आगे आ रहे सेवाभावी

By: रमेश वैद्य

Published: 11 Jun 2021, 02:36 AM IST

इंदौर. कोरोना कफ्र्यू के बाद शुरू हुई आर्थिक विसंगतियों से शहर में बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं। किसी का रोजगार चला गया है, तो किसी का व्यापार लंबे समय से बंद है। अब अनलॉक होने के बाद भी बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इन सभी परेशानियों को देखते हुए बस्ती फाउंडेशन ने लोगों को महीनेभर का राशन उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।
फाउंडेशन के सीएस प्रकल्प जैन ने बताया कि जब इस योजना की शुरुआत हुई तो फाउंडेशन के सदस्यों ने अपने स्तर पर सहयोग जुटाकर लोगों को राशन देना शुरू किया। चूंकि लंबे समय से आर्थिक गतिविधियां बंद हैं, तो राशन के लिए बहुत अधिक फोन आने लगे। इसके बाद हमने सोशल मीडिया पर शहर के लोगों से मदद के हाथ बढ़ाने की अपील की।
जानकारी कर रहे हैं शेयर
सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने के बाद शहर से कई दानदाता सामने आए और मदद जुटने लगी। इसमें सबसे खुशी की बात यह थी कि इंदौर के बाहर के युवा भी इस अभियान का हिस्सा बनने लगे। जब हमने सोशल मीडिया पर अन्नदान योजना की जानकारी शेयर की तो मुंबई से सीए सुमित पामेचा और कमलेश चेचानी ने 100 से अधिक लोगों के एक महीने के राशन की सामग्री पहुंचाई। इसके साथ देश के कई हिस्सों से लोगों ने सामग्री पहुंचाई।
विदेश से भी जुड़े लोग
धीरे-धीरे अभियान के लिए शेयर की जा रही पोस्ट विदेश में बसे भारतीयों तक भी पहुंची और वहां बसे इंदौर के लोगों ने मदद भेजना शुरू कर दी। बिजनेसमैन व्रजेश गांधी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया से प्रांजल राजपूत, कनाडा से हीरेन किन्नरी पटेल और अमरीका से मौलिक अवनी पटेल ने मदद जुटाई।

विधि-विधान से कर रहे अस्थियों का विसर्जन
इंदौर. कोरोना से बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं, जिसकी पुष्टि मुक्तिधामों में रखी लावारिस अस्थियां कर रही हैं। कई लोग अंतिम संस्कार के बाद परिजन की अस्थियां लेने नहीं आए, कुछ ऐसी भी हैं, जो लावारिस हैं। मुक्तिधामों में रखी ऐसी अस्थियों की सुध समाजसेवी ले रहे हैं। उनका विधि-विधान से विर्सजन किया जा रहा है।
अस्थियों को नर्मदा नदी में विसर्जित करने का संकल्प एडवोकेट विनीता सुरेंद्र पाठक ने लिया है। विनीता की टीम ने कैट चौराहा सुख निवास रोड स्थित मां अंबेधाम माता मंदिर पर शहर के मुक्तिधामों से अस्थियां एकत्र कीं। अस्थियों का विसर्जन कराने के लिए पंडित बुलाए गए। अस्थि कलश बनाकर उनका विधि-विधान से यज्ञ-अनुष्ठान किया गया। अस्थि कलशों को नर्मदा में विर्सजित किया गया। इस दौरान घाट पर ब्राम्हण भोजन, पिंडदान व अन्य शास्त्रोक्त विधियां भी कराई गईं। पंडित हर्ष शर्मा ने विधि की। एडवोकेट विनीता ने बताया, हम मृत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं। हमारा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा। अभियान में विनीता के साथ प्रकाश बागवानी, शुभम यादव, मुकेश बागवानी, राजेश सिंह चौहान और उमा अग्रवाल भागीदारी दे रहे हैं।

रमेश वैद्य Desk
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