निमाड़ की मिर्च का तीखा स्वाद देशभर में होगा फेमस, सरकार करेगी ब्रांडिंग

कृषि मंत्री सचिन यादव ने अफसरों-व्यापारियों से की चर्चा, सौंपी जवाबदारी

खरगोन. पूर्वी और पश्चिमी निमाड़ में नर्मदा किनारे की उर्वर भूमि ने मिर्च में ऐसा सुर्ख लाल रंग और तीखा स्वाद भरा है कि यहां की मिर्च की मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ी है। हर जुबान पर निमाड़ की मिर्ची का स्वाद हो इसके लिए सरकार अब इसकी ब्रांडिंग के लिए आगे आई है। पहली बार जिले में राज्य स्तरीय मिर्च महोत्सव कसरावद में होगा। इस महोत्सव 29 फरवरी से 1 मार्च तक होगा। इसमें 100 से अधिक खेती आधारित कंपनियां शिरकत करेंगी। २५ से अधिक कृषि वैज्ञानिक आएंगे। प्रोसेसिंग उद्योग से जुड़े इनवेसटर ने भी रुचि दिखाई है। सोमवार को इस महोत्सव की रूपरेखा तय करने के लिए कृषि मंत्री सचिन यादव ने अफसरों की बैठक ली। उन तमाम पहलुओं पर चर्चा हुई जो राज्य स्तरीय इस महोत्सव को मजबूत बनाएंगे।
29 फरवरी और 1 मार्च को होने वाले इस दो दिनी मिर्च महोत्सव को लेकर सोमवार को कृषि मंत्री सचिन यादव ने कसरावद के एनव्हीडीए रेस्ट हाउस में भोपाल संचालनालय, इंदौर व उज्जैन संभाग के अधिकारियों व स्थानीय मिर्च व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि मंत्री ने कहा निमाड़ी तीखी मिर्च की पहचान केवल देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हो, इसके लिए यह आयोजन किया जा रहा है। किसान जिस तरह मिर्च की खेती करते हैं, उनको तकनीकी जानकारी नहीं होने की स्थिति में मनचाहा उत्पादन नहीं ले पाते हैं। इसलिए उनको तकनीकी जानकारी सहित उनके उत्पादित निमाड़ी मिर्च की ब्रांडिंग करने के लिए यह महोत्सव रखा गया है। इसमें पांच केवीके के स्टॉल के साथ ही ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के वीसी के आने की भी संभावनाएं है। बैठक में कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, एसपी सुनील पांडेय, जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा, कृषि उप संचालक एमएल चौहान, उद्यानिकी उप संचालक केके गिरवाल सहित भोपाल व इंदौर के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वीडियो के जरिए कृषि मंत्री ने कम्प्यूटर पर निमाड़ी मिर्च की क्वालिटी भी परखी।
मिर्च महोत्सव के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा
कृषि मंत्री ने कहा की यह आयोजन मिर्च को लेकर है, लेकिन इससे पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। इस आयोजन में 120 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। जहां विभिन्न कंपनियों के लाइव डेमो दिखाएंगे। निमाड़ी कवि सम्मेलन, निमाड़ी व्यंजन, गणगौर और भगोरिया नृत्य की प्रस्तुतियां होगी। तकनीकी सत्र में निमाड़ में मिर्च की संभावनाएं व यहां मिर्च पर होने वाले वायरस अटैक से निजात पाने लिए विशेष फोकस होगा। बैठक के बाद कृषि मंत्री ने मंडी में आयोजित होने वाले महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया।
एशिया की नंबर दो मिर्च मंडी जिले में
एशिया की नंबर एक मिर्च मंडी आंध्रप्रदेश के गुंटूर में है, इसके बाद सबसे बड़ी दूसरी मिर्च मंडी बेडिय़ा में है। यहां निमाड़ के अलावा अन्य राज्यों के किसान भी मिर्ची का मोलभाव करने आते हैं। गुंटूर मंडी में डेढ़ करोड़ बोरी मिर्च आती है, तो मप्र में यह 80 लाख बोरी की आवक है। इसमें से भी ज्यादातर माल बेडिय़ा मंडी में आता है।

रमेश वैद्य Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned