डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के लिए फिर दावा करेगा एसजीएसआइटीएस

पीजी के सभी कोर्स को भी एनबीए दिलाने की प्रक्रिया जारी।

इंदौर. प्रदेश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों में शामिल एसजीएसआइटीएस (श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस) एक बार फिर डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने की कोशिश में जुटा है। इसके पहले पड़ाव के लिए नैक की ग्रेड लेने की तैयारी शुरू हो चुकी है। नैक से ए ग्रेड मिलते ही डीम्ड यूनिवर्सिटी का दावा किया जाएगा। एसजीएसआइटीएस को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने के लिए 2015 में भी कदम उठाए गए थे, लेकिन एमएचआरडी ने शहर में एक शासकीय यूनिवर्सिटी (डीएवीवी) का हवाला देकर प्रस्ताव पर विचार नहीं किया। इस बीच शहर में करीब एक दर्जन निजी यूनिवर्सिटी शुरू हो चुकी है। नए नियमों के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेजों को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के लिए नैक से कम से कम ए ग्रेड जरूरी है, इसलिए सबसे पहले नैक के क्राइटेरिया के अनुसार दावा मजबूत किया जा रहा है। प्रबंधन के अनुसार इस साल के अंत तक ग्रेड मिल जाएगी। इसके तुरंत बाद डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए प्रक्रिया शुरू कर देंगे। डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद आरजीपीवी की मंजूरी के बगैर नए सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने और सिलेबस में बदलाव कर सकेंगे। साथ ही डिग्री जारी करने का भी अधिकार मिलेगा।

150 फैकल्टी, सैकड़ों स्तरीय रिसर्च
एसजीएसआइटीएस ने ए डबल प्लस का लक्ष्य रखा है। दरअसल, संस्थान में 9 यूजी और 23 पीजी कोर्स पढ़ाए जाते हैं। यूजी के 6 कोर्स को एनबीए की मान्यता है। बाकी 3 कोर्स की मान्यता लेने की भी कोशिश चल रही है। इसके अलावा करीब 150 नियमित फैकल्टी, सैकड़ों स्तरीय रिसर्च, मजबूत एलुमनी एसोसिएशन, लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, नए होस्टल आदि भी दावा मजबूत कर रहे हैं।

सभी कोर्स एनबीए से मान्य कराए जा रहे हैं
एसजीएसआइटीएस को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने की योजना बनाई गई है। यूनिवर्सिटी बनने से पूरे शहर को लाभ मिलेगा। इसके लिए सभी कोर्स एनबीए से मान्य कराए जा रहे हैं। इस साल के अंत तक नैक की ग्रेड भी हासिल कर लेंगे।
प्रो. राकेश सक्सेना, डायरेक्टर, एसजीएसआइटीएस

shatrughan gupta
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