ये शख्स दायर कर चुका है 1,800 आरटीआई केस, जानकारी मिलने पर उठाता था गलत फायदा

ये शख्स दायर कर चुका है 1,800 आरटीआई केस, जानकारी मिलने पर उठाता था गलत फायदा

Manish Ranjan | Publish: Nov, 14 2017 03:10:37 PM (IST) इंडस्‍ट्री

सेन्ट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन ने ये सवाल एक ऐसे व्यक्ति से किया है जो सूचना का अधिकार(आरटीआई) कानून के तहत अकेले ही 1,800 आरटीआई केस दायर कर चुका है।

नई दिल्ली। सूचना के अधिकार कानून के तहत लोगों को जानकरी मुहैया कराने वोल कमीशन ने एक शख्स से पूछा है, हम आपकी बात क्यो सूने और आपको जवाब क्यों दें। सेन्ट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन ने ये सवाल एक ऐसे व्यक्ति से किया है जो सूचना का अधिकार(आरटीआई) कानून के तहत अकेले ही 1,800 आरटीआई केस दायर कर चुका है। दिल्ली में रहने वाले राजेन्द्र गुप्ता ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से जुड़े जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई दायर किया था। जिसके बाद मुख्या सूचना अधिकारी यशोवर्धन आजाद ने सवाल किया है कि हम किस आधार पर आपके अपील की सुनवाई करें।


इन कार्यों के लिए करता था आरटीआई दायर

गुप्ता द्वारा दायर अपील के बारे सूचना अधिकारी का कहना है कि, इन अपील की सुनवाई करने और जवाब देने में डेढ़ महीने लगेगा। पिछले कुछ सालों में गुप्ता ने दिल्ली में हो रहे अवैध कंस्ट्रक्शन और प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए आरटीआई दायर किया था। आजाद ने ये भी सवाल किया कि, कानून के तहत किस तरह से ये जानकारियां नियतनीय हैं।


सात माह में ही किया 446 अपील

इस साल फरवरी माह में ही 634 अपील को डिस्पोज किया था। हालांकि, इसके बाद के सात माह में गुप्ता ने 446 और अपील दायर कर दिया। चीफ इंफॉर्मेशन कमीशन के अनुसार, इस एप्लीकेंट द्वारा 1,800 और अन्य अपील दायर किया जा चुका हैं। जिसमें से पिछले तीन सालों में 1,234 अपील को डिस्पोज भी किया जा चुका हैं।


लोगों से पैसे वसूलने के लिए करता था आरटीआई दायर

कारपोरेशन के एक कारण बताओ नोटिस के अनुसार, गुप्ता ने इस कानून का गलत फायदा उठा रहे हैं। इसके पहले सुनवाई में ये खुलासा हुआ है कि, गुप्ता इन जानकारियों कें आधार पर आवासीय लोगों से जबरन पैसे वूसलता है। पैसे ने देने पर ये लोगों को धमकी तक देता है।

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