महंगी हो सकती है हवाई यात्रा, इसलिए बढ़ने जा रही है टिकटों की कीमत

महंगी हो सकती है हवाई यात्रा, इसलिए बढ़ने जा रही है टिकटों की कीमत

Manoj Kumar | Publish: Sep, 10 2018 06:09:25 PM (IST) इंडस्‍ट्री

रुपए के गिरने के कारण हवाई ईंधन महंगा हो गया है, इससे विमान कंपनियों की बैलेंस शीट बिगड़ रही है।

नई दिल्ली। विमान ईंधन की बढ़ती कीमत के मद्देनजर विमान सेवा कंपनियों की बैलेंसशीट पर भारी दवाब है, इस कारण देश में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी तथा डॉलर की तुलना में रुपए में जारी भारी गिरावट के कारण पिछले एक साल में विमान ईंधन की कीमत 40 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। दिल्ली हवाई अड्डे पर घरेलू एयरलाइंसों के लिए इसकी कीमत सितम्बर 2017 में 50,020 रुपए प्रति किलोलीटर थी जो अब बढक़र 69,461 रुपए प्रति किलोलीटर पर पहुंच चुकी है। इस प्रकार इसमें 38.87 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

ईंधन महंगा होने से विमान सेवा कंपनियों को घाटा

विमान ईंधन के दाम बढ़ने से शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन विमान सेवा कंपनियों में से स्पाइसजेट और जेट एयरवेज को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी इंडिगो का मुनाफा 96.57 फीसदी घटकर 27.79 करोड़ रुपए रह गया है। स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने सोमवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम से इतर किराये में बढ़ोतरी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हम लागत कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी महीने से हमारे बेड़े में बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल होने शुरू हो जाएंगे, जो ईंधन के मामले में 15 प्रतिशत लागत कम करते हैं। इनके रखरखाव का खर्च भी कम है। इसके अलावा विमान सेवा कंपनियों ने सरकार से करों तथा शुक्लों में कटौती का भी अनुरोध किया है। यदि जरूरत पड़ी तो हम बढ़ती लागत का कुछ बोझ किराया बढ़ोतरी के रूप में यात्रियों पर भी डाल सकते हैं।

आयटा ने जताई आशंका

अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आयटा) ने भी पिछले महीने जारी रिपोर्ट में आशंका जताई थी कि कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण सस्ते हवाई किराए के दिन लद सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि लागत बढ़ने से - विशेषकर विमान ईंधन के मद में - कम किराये के कारण विमानन क्षेत्र को मिली रफ्तार पर अंकुश लग सकता है। इसलिए वर्ष 2017 की तुलना में वृद्धि दर में लगातार गिरावट की अपेक्षा है। आपको बता दें कि इस साल अप्रैल-जून की तिमाही में जेट एयरवेज को 1,323 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस दौरान विमान ईंधन के मद में कंपनी का कुल खर्च 53.03 फीसदी बढ़कर 2,332.49 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसने 53.50 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया था।

स्पाइसजेट को 14 तिमाहियों में पहली बार नुकसान

स्पाइसजेट को भी 14 तिमाहियों में पहली बार नुकसान हुआ है। उसने 38.06 करोड़ रुपए का नुकसान उठाया। तिमाही में विमान ईंधन पर उसका खर्च 52 फीसदी बढ़कर 812.44 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इस मद में एयरलाइन का व्यय 534.37 करोड़ रुपए रहा था। इंडिगो का शुद्ध मुनाफा 96.57 फीसदी घटकर 27.79 करोड़ रुपए रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 811.15 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। विमान ईंधन पर कंपनी का खर्च तिमाही के दौरान 54.37 फीसदी बढ़कर 2,715.65 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

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