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डीजीसीए ने की जेट एयरवेज के उड़ानों की समीक्षा, कहा – और कम हो सकती है उड़ रहे विमानों की संख्या

जेट एयरवेज अपने कुल 119 विमानों में से केवल 41 का ही परिचालन कर रही है, जोकि उसकी मूल क्षमता का केवल एक तिहाई हिस्सा है। नागर विमानन महानिदेशालय यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सभी विमान (परिचालन और खड़े किए गए विमान) को अप्रुवड मेंटेनेंस प्रोग्राम (एएमपी) के मुताबिक उनको मेंटेन हो रहा है या नहीं। डीजीसीए ने यह भी कहा कि ऐसे पायलट, केबिन क्रु और ग्राउंड स्टाफ, जो किसी भी तरह के तनाव की शिकायत कर रह हैं, उन्हें ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए।
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डीजीसीए ने की जेट एयरवेज के उड़ानों की समीक्षा, कहा - और कम हो सकती है उड़ रहे विमानों की संख्या

नई दिल्ली। वित्तीय संकटों का सामना कर रही जेट एयरवेज को अब इसक परिणाम परिचालन पर भी दिख रहा है। मंगलवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने बताया कि जेट एयरवेज अपने कुल 119 विमानों में से केवल 41 का ही परिचालन कर रही है, जोकि उसकी मूल क्षमता का केवल एक तिहाई हिस्सा है। बता दें कि कर्ज की बोझ से परेशान जेट एयरवेज अपने प्रमुख हिस्सेदार एतिहाद एयरवेज से डील करने की प्रयास में है। एतिहाद एयरवेज ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि वो जेट एयरवेज में और अधिक निवेश नहीं करेगी।


कम हो सकती और उड़ रहे विमानों की संख्या

इस बाबत मंगलवार को डीजीसीए ने जेट एयरवेज के परिचालन और यात्रियों की सुविधाओं समेत कई बातों की समीक्षा की है। डीजीसीए ने कहा कि जेट एयरवेज की कुल 41 विमान परिचालन में है। कंपनी 603 घरेलू उड़ान व 382 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है। डीजीसीए ने आगे कहा कि स्थिति गंभीर है आने वाले दिनों में जेट उड़ रहे विमानों की संख्या और भी घटा सकती है। आपको बता दें कि जेट एयरवेज पर एक अरब डॉलर यानी 6,895 करोड़ रुपए से भी अधिक का कर्ज है। यही कारण है कि यह विमान कंपनी बैंकों, सप्लायरों व कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं कर पा रही है। इनमें से कुछ ने तो कंपनी के साथ लीज डील को भी खत्म कर दिया है।


यात्रियों को मिले मुआवज व रिफंड

डीजीसीए ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि सीएआर के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करते हुए जहां भी लागू हो, वहां वो यात्रियों को समय पर जानकारी, मुआवजा, रिफंड या वैकल्पिक उड़ानों के बारे व्यवस्था करे। इन डेटा को डीजीसीए लगातार मॉनिटर भी कर रहा है। नागर विमानन महानिदेशालय यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सभी विमान (परिचालन और खड़े किए गए विमान) को अप्रुवड मेंटेनेंस प्रोग्राम (एएमपी) के मुताबिक उनको मेंटेन हो रहा है या नहीं। डीजीसीए ने यह भी कहा कि ऐसे पायलट, केबिन क्रु और ग्राउंड स्टाफ, जो किसी भी तरह के तनाव की शिकायत कर रह हैं, उन्हें ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए।

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