Unitech Promoter संजय चंद्रा को Supreme Court ने दी बेल, 3 साल से जेल मे थे चंद्रा

Unitech के Promoter संजय चंद्रा को Supreme Court ने एक महीने की जमानत

2017 से जेल में है चंद्रा ( sanjay chandra arrested )

माता-पिता के हॉस्पिटलाइज होने के चलते मिली बेल

By: Pragati Bajpai

Updated: 07 Jul 2020, 03:42 PM IST

नई दिल्ली: Unitech के Promoter संजय चंद्रा को Supreme Court ने एक महीने की जमानत दे दी है। दरअसल संजय के माता-पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और उन्हें हॉस्पिटलाइज कराया गया है। कोर्ट ने इसी धार पर संजय ( sanjay chandra ) की बेल को मंजूरी दी है।

संजय को home Buyers केस में 2017 में गिरफ्तार ( sanjay chandra arrested ) किया गया था । दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरी कंपनी में निवेश करवाने के आरोप में संजय को गिरफ्तार किया था । इसके साथ ही संजय पर आरोप है कि उन्होने एक कंपनी से दूसरी कंपनी में निवेश करवाने के बाद उस पैसे को विदेश भेजा गया ।

रेलवे का प्राइवेटाइजेशन हुआ शुरू, 21 जुलाई को होगी पहली बिडिंग कांफ्रेंस

आपको मालूम हो कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने यूनिटेक के मौजूदा बोर्ड को बदलने की अनुमति दी थी, जिसमें पूर्व IAS अफसर युदवीर सिंह मलिक नए अध्यक्ष बनाए गए थे।

क्या है पूरा मामला-

दरअसल, यूनिटेक कंपनी ने अपने होम प्रोजेक्ट के नाम पर लगभग 29,800 घर खरीदारों के पास से करीब 14,270 करोड़ रुपये जमा किए थे। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के लिए पर बैंक से भी बड़ी मात्रा में लोन लिया गया था। जबकि कंपनी द्वारा सिर्फ 40 फीसदी रकम का ही इस्तेमाल परियोजनाओं के लिए हुआ और कंपनी डायरेक्टर्स ने 60 फीसदी रकम को डायवर्ट कर दिया।

फोरेंसिक ऑडिट में कंपनी द्वारा किये गए फ्रॉड का पता चलता है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड के प्रमोटर्स के खिलाफ मनी लॉड्रिंग रोकथाम अधिनियम ( PMLA ) के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था।

22,500 रुपए की पेंशन के साथ मिलेगा 45 लाख का फायदा, खाता खुलवाने के लिए चाहिए सिर्फ मोबाइल नंबर

कंपनी के इस फ्रॉड की वजह से हजारों HOME BUYERS का पैसा फंस गया और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। कोर्ट के मुताबिक घर खरीदारों के हित में अटकी परियोजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए कर्ज में डूबी यूनिटेक लिमिटेड ( Unitech Ltd ) की प्रोजेक्‍ट्स को किसी विशिष्ट एजेंसी द्वारा अपने हाथों में लेने की तत्काल जरूरत है। कोर्ट के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने यूनीटेक का टेक ओवर कर लिया था ।

Pragati Bajpai
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned