50 लाख गबन का आरोप लगा तो सेंट्रल बैंक के हेड कैशियर ने खा लिया जहर

50 million embezzling:चार पेज के नोट में लिखा-बैंक के दो पूर्व अधिकारियों व सुरक्षा गार्ड ने 50 लाख की अनियमितता कर दोष उस पर मढ़ा

By: santosh singh

Published: 12 Oct 2019, 11:50 AM IST

जबलपुर. सेंट्रल बैंक की मिलौनीगंज शाखा में हेड कैशियर ने शुक्रवार दोपहर को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे गम्भीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घमापुर पुलिस को उसकी जेब से चार पन्नों का नोट मिला है। उसमें उन्होंने बैंक के दो पूर्व अधिकारियों और एक गार्ड पर 50 लाख रुपए की अनियमितता करने और उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पत्र जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
चपरासी से हेड कैशियर बना
घमापुर थाने के एएसआई एवं मामले में विवेचक विश्वेश्वर वर्मा ने बताया कि लालमाटी सिद्धबाबा निवासी अनिल पैगवार सेंट्रल बैंक में हेड कैशियर हैं। वे चपरासी से प्रमोट होकर 2011 में शहडोल शाखा में क्लर्क बने थे। 2013 में मिलौनीगंज शाखा में तबादले पर आए थे। उनकी पत्नी ने बयान दिया है कि तीन दिन से अनिल परेशान थे। उन पर गबन का आरोप लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने बैंक के कैशचेस्ट में उक्त रकम जमा करने का अल्टीमेटम दिया था। शुक्रवार दोपहर तीन बजे उन्होंनेेे जहरीला पदार्थ खा लिया।
नोट में अधिकारियों के नाम
पुलिस के मुताबिक अनिल की जेब से जब्त चार पन्नों के नोट में बैंक के पूर्व मैनेजर सौरभ शर्मा, बैंक के पीओ राहुल कुमार और सुरक्षा गार्ड सुभाष कुमार शर्मा पर गबन के पैसों की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। वर्तमान में सौरभ कुमार लखनऊ, राहुल बिहार और सुभाष गोकलपुर ब्रांच में पदस्थ हैं। राहुल और सौरभ लोन स्वीकृत होने से पहले ही आवेदकों को पैसे दिलवा देते थे। नोटबंदी में भी कई तरह की हेराफेरी की गई। 50 लाख की अनियमितता का दोष भी उन पर मढ़ दिया गया। ऐसी हालत में उनके पास आत्मघाती कदम उठाने के सिवा कोई और रास्ता नहीं था।

 

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santosh singh Reporting
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