पितरों की कृपा के बिना नहीं मिल सकता पैसा और सुख, ऐसे करें उन्हें प्रसन्न

पितरों की कृपा के बिना नहीं मिल सकता पैसा और सुख, ऐसे करें उन्हें प्रसन्न

deepak deewan | Publish: Sep, 09 2018 08:54:51 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

पितरों की कृपा से मिल सकता पैसा और सुख

जबलपुर। जीवन में पैसों और सुखों की कमी कई कोशिश के बाद भी दूर नहीं हो रही हो तो यह जान लें कि आपके पितर प्रसन्न नहीं हैं। पितरों के आशीर्वाद के बिना कोई सुख नहीं मिल सकता। अमावस्या का दिन पितरों की पूजा का दिन माना जाता है। इस दिन पितरों के लिये व्रत और अन्य कार्य करने से पितरों की आत्मा को शान्ति प्राप्त होती है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि का स्वामी पितृदेव को माना जाता है। इसलिए इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, दान-पुण्य का महत्त्व है। विधि के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष में चलने वाला पन्द्रह दिनों के पितृ पक्ष का शुभारम्भ भादों मास की अमावस्या से ही हो जाती है। आज वही दिन है, रविवार को कुशाग्रहणी अमावस्या मनाई जा रही है। कुशाग्रहणी अमावस्या के दिन तीर्थ, स्नान, जप, तप और व्रत के पुण्य से ऋण और पापों से छुटकारा मिलता है। इसलिए यह संयम, साधना और तप के लिए श्रेष्ठ दिन माना जाता है। शास्त्रों में इसे कुशाग्रहणी अमावस्या या कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है।

कुशोत्पाटिनी अमावस्या के दिन साल भर के धार्मिक कृत्यों के लिये कुश एकत्र लेते है। प्रत्येक धार्मिक कार्यों के लिए कुशा का इस्तेमाल किया जाता है। शास्त्रों में भी दस तरह की कुशा का वर्णन प्राप्त होता है, जिस कुशा का मूल सुतीक्ष्ण हो, इसमें सात पत्ती हो, कोई भाग कटा न हो, पूर्ण हरा हो, तो वह कुशा देवताओं तथा पित्त, दोनों कृत्यों के लिए उचित मानी जाती है। कुशा तोड़ते समय ‘हूं फट्’ मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।


इन बातों का रखें ध्यान तो पितर होंगे प्रसन्न
अमावस्या पर किसी भी इंसान को श्मशान घाट या कब्रिस्तान में या उसके आस-पास नहीं घूमना चाहिए। अमावस्या के दिन सुबह देर तक सोते ना रह जाएं। जल्दी उठें और पूजा-पाठ करें। अमावस्या के दिन स्नान का खास महत्व है। इसलिए स्नान करने के बाद सूर्य देव को अघ्र्य देना नहीं भूलें। पीपल की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं लेकिन शनिवार के अलावा अन्य दिन पीपल का स्पर्श नहीं करना चाहिए। अमावस्या के दिन लहसुन-प्याज जैसी तामसिक चीजें भी न खाएं। इस दिन चटाई पर सोना चाहिए तथा शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए, दोपहर में न सोएं। शेव, हेयर और नेल कटिंग ना करें। इन कामों को भी वर्जित किया गया है। अमावस्या पर घर में पितरों की कृपा पाने के लिए घर में कलह का माहौल बिल्कुल नहीं होना चाहिए। लड़ाई-झगड़े और वाद-विवाद से बचना चाहिए। इस दिन कड़वे वचन बिल्कुल नहीं बोलने चाहिए। अगर व्रत रखा है तो शृंगार करने से बचें, सादगी अपनाएं। अमावस्या पर शिवपूजा फलदायी होती है।

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