पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को चुनौती पर राज्य सरकार से जवाब तलब

हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया

By: prashant gadgil

Published: 16 Sep 2021, 07:19 PM IST

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में आसन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को चुनौती के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने सरकार को दो सप्ताह का समय दिया। कोर्ट ने आगामी सुनवाई के दौरान अंतरिम स्थगन के आवेदन पर विचार की व्यवस्था दी। सिंगरौली निवासी रामसुजान साकेत व नरेंद्र द्विवेदी की ओर से अधिवक्ता ब्रहमेंद्र पाठक, सीधी निवासी छोटेलाल चर्मकार की ओर से अधिवक्ता अनूप सिंह ने कोर्ट को बताया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया का नियमानुसार पालन नहीं हो रहा है। पंचायत निर्वाचन नियम-1995 में प्रविधान है कि जिस वर्ग को पूर्व में वार्ड या पंचायत आरक्षण का लाभ मिला था, आगामी निर्वाचन में उस वर्ग को छोड़कर लॉटरी द्वारा आरक्षण किया जाएगा। इसके बावजूद वर्तमान में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। आरक्षण प्रक्रिया दूषित है, लिहाजा इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच इस तरह के मामलों में स्थगन आदेश पारित कर चुकी है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा।

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