दूसरे धर्म के युवक से शादी के आवेदन पर हिंदू धर्मसेना का हंगामा

कलेक्टे्रट पहुंचे हिन्दु धर्मसेना के कार्यकर्ता ने किया हंगामा, कहा युवती को बहलाया

By: Hitendra Sharma

Published: 29 Dec 2020, 09:07 AM IST

जबलपुर. कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब विवाह अधिकारी की कोर्ट में एक युवती का विवाह दूसरे धर्म के युवक के साथ किए जाने का आवेदन दिया गया। हिंदू धर्मसेना के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टे्रट पहुंचकर इसका विरोध किया। स्थिति विपरीत होते देख आेमती पुलिस मौके पर पहुंची और युवक एवं युवती को पूछताछ के लिए थाने ले गए। धर्मसेना ने इस मामले को लवजिहाद से जोडक़र बताते हुए विरोध किया।

रद्दी चौकी क्षेत्र में रहने वाले युवक ने एक युवती से विवाह के लिए आवेदन किया था। तभी धर्मसेना के लोग इस पर आपत्ति लेने कलेक्टे्रट पहुंच गए। धर्मसेना के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, नीरज राजपूत एवं लता ठाकुर ने आरोप लगाया कि युवती को दूसरे धर्म के युवक ने बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के बाद निकाह किया और विवाह अधिकारी की कोर्ट में आवेदन लगाया। उनका कहना था कि इसका विरोध करने गए, तो युवक भागने लगा। उसे पकडक़र पुलिस के हवाले किया गया। उन्होंने पुलिस से मांग की कि विवाह के आवेदन सम्बंधी जानकारी युवती के माता-पिता को भी दी जाए। इस बीच पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। इस मौके पर धर्मसेना आशीष प्रजापति, सुनंदा केसरवानी, अवनीश यादव, वरुण सिंह, अविनाश सुखदान, चिराग साहनी उपस्थित थे।

वही मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र अधिनियम 2020 लागू करने जा रही है। आज कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश को मंजूरी मिल जाएगी। बता दें कि, इससे पहले 26 दिसंबर को कैबिनेट में विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन 28 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के स्थगित होने के कारण अब सरकार इस कानून को अध्यादेश के माध्यम से लागू करने जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार इसे राज्यपाल से स्वीकृति के लिये भेजेगी।


राज्यपाल जल्द लगाएंगी अध्यादेश पर मुहर

आपको बाता दें कि, मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सोमवार को राजधानी भोपाल पहुंच चुकी हैं। माना जा रहा है कि, राज्यपाल इस कानून की मौखिक स्वीकृति तो रखती है, वो जल्द ही इस अध्यादेश पर मुहर भी लगा देंगी। क्योंकि, इससे पहले 26 नवंबर को आनंदी बेन ने ही उत्तर प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। हालांकि, यूपी में विधानसभा सत्र न होने के कारण अध्यादेश के माध्यम से लाया गया था, जबकि मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र प्रस्तावित था, लेकिन स्थगन के कारण यहां इसे अध्यादेश के रास्ते लाया जा रहा है। फिलहाल, राज्यपाल की मुहर लगते ही इसे राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद इस अध्यादेस को छह महीने के भीतर स्वीकृत कराना होगा। ऐसे में इस बजट सत्र में इसे पेश किया जा सकता है।

Hitendra Sharma
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