भोपाल-जबलपुर रोड बनाने वाली कंपनी ने तालाब को कर दिया तबाह, जिम्मेदारों ने देखा तक नहीं

भोपाल-जबलपुर रोड बनाने वाली कंपनी ने तालाब को कर दिया तबाह, जिम्मेदारों ने देखा तक नहीं

 

By: Lalit kostha

Published: 04 Feb 2021, 03:23 PM IST

जबलपुर। भोपाल-जबलपुर मार्ग के एक हिस्से का निर्माण कर रही वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी पर अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले में खनिज विभाग तगड़ा जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है। यह 15 करोड़ से ज्यादा हो सकता है। कम्पनी के खिलाफ इससे पहले शहपुरा तहसील स्थित मनकेड़ी में छोटे तालाब से हजारों हाइवा मिट्टी निकालने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। कंपनी ने तालाब को इतना गहरा कर दिया है कि कोई भी बड़ी घटना हो सकती है। भेड़ाघाट थाने में भी इसी प्रकार का एक प्रकरण दर्ज है।

पहले भी दर्ज हैं दो प्रकरण : खनिज विभाग तैयार कर रहा प्रतिवेदन
वागड़ कंपनी की करतूत, तालाब को किया तबाह, लगेगा तगड़ा जुर्माना
बरगी के मानेगांव में पर्यावरण सम्बंधी अनुमति लिए बिना गिट्टी-पत्थर की खदान में खनन कर परिवहन करने और क्रशर लगाने पर प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान कई वाहन भी जब्त किए गए थे। खनिज विभाग यह आकलन कर रहा है कि खदान से कितनी मात्रा में गिट्टी-पत्थर निकालकर उसका इस्तेमाल क्रशर में किया है। बताया गया कि कम्पनी ने जिस स्थान पर खनन किया है, वहां पहले भी एक खदान चलती थी। खनिज विभाग के अधिकारी प्रतिवेदन में अनुमानित मात्रा का उल्लेख कर कलेक्टर न्यायालय में पेश करेंगे।

पहले भी जब्त किए थे वाहन
खनिज विभाग के निरीक्षक देवेंद्र पटले ने बताया कि वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पूर्व में भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी का खनन करने पर दो हाइवा और एक पोकलेन मशीन जब्त की गई थी। शहपुरा थाना अंतर्गत मनकेड़ी में अवैध रूप से खदान बनाने पर चार हाइवा, एक पोकलेन मशीन जब्त की गई थी। मानेगांव में मंगलवार को तीसरा प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई में कम्पनी के चार हाइवा, एक जेसीबी और एक टू-टेन मशीन जब्त की गई है।

जबलपुर एसडीएम नम: शिवाय अरजरिया के साथ पहुंची टीम ने मंगलवार को कम्पनी के खिलाफ अवैध उत्खनन, परिवहन, पर्यावरण सम्बंधी अनुमति लिए बिना क्रशर संचालित करने का मामला दर्ज किया था। अरजरिया ने बताया कि जल्द ही प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा। खनिज अधिकारी पीके तिवारी ने बताया कि विभाग के निरीक्षकों के माध्यम से कार्यवाही का विवरण बनाकर प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। अगले कुछ दिनों में उसे कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

Lalit kostha Desk
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